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Budaun News: 10 दिनों में जिले के लोगों ने खरीदे 10 करोड़ के सोना-चांदी

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सोनरूपा विशाल।
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बदायूं। करवाचौथ और दिवाली पर सराफा बाजार में रौनक है। सोने-चांदी के दामों में लगातार उछाल के बावजूद खरीदारी कम नहीं हुई है। सराफा कारोबारियों ने बताया कि एक से 10 अक्टूबर तक जिलेभर में करीब 10 करोड़ का सोना-चांदी बिक चुका है। इसमें ज्यादातर खरीदारी 20 और 22 कैरेट के सोने की हुई है।
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सराफा व्यापारियों ने बताया कि बाजार में 18 कैरेट का सोना करीब 15 हजार रुपये सस्ता मिल रहा है। 20 कैरेट सोना करीब छह हजार रुपये सस्ता है। इसके बावजूद ग्राहकों की पहली पसंद 22 कैरेट का ही सोना है। ग्राहकों का मानना है कि 22 कैरेट सोना न केवल शुद्धता में बेहतर है, बल्कि दीर्घकालिक निवेश के लिहाज से भी सुरक्षित है। सराफा व्यापार से जुड़े सदस्यों ने बताया कि करवाचौथ के मौके पर महिलाओं ने भारी मात्रा में गहनों की खरीदारी की। सोने के गहनों के अलावा चांदी के सिक्के और देवी-देवताओं की मूर्तियों की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है।
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जल्द बाजार में आएगा नौ कैरेट का सोना
व्यापारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में नौ कैरेट के सोने की बिक्री शुरू हो सकती है। निवेश के नजरिए से सोना-चांदी अब भी लोगों की पहली पसंद है। बहुत से लोग इसे गहनों के रूप में नहीं बल्कि प्रॉपर्टी और निवेश के विकल्प के रूप में खरीद रहे हैं। फिलहाल बदायूं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के सराफा बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिल रही है। बढ़ते दामों के बावजूद लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की चमक अभी और बढ़ने वाली है।
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बदायूं सराफा बाजार में कैरेट के हिसाब से सोने का भाव
22 कैरेट प्रति दस ग्राम 1,26,800
20 कैरेट प्रति दस ग्राम 1,20,000
18 कैरेट प्रति दस ग्राम 1,10,000
चांदी प्रति एक किलाे 1,69,000
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चांदी की खरीद में भी बढ़ी दिलचस्पी
केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी के सिक्के, देवी-देवताओं की मूर्तियां, नोट और ईंट की भी बिक्री में उछाल आया है। लोग निवेश के रूप में चांदी की वस्तुएं ले रहे हैं। कई ग्राहक सोने-चांदी को अब गहनों की बजाय प्रॉपर्टी और निवेश के रूप में देख रहे हैं।
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ग्रामीण बाजारों में भी दिख रही रौनक
शहर के अलावा उझानी, दातागंज,बिल्सी, सहसवान, उसहैत, बिनावर, वजीरगंज, कादरचौक, ककराला, उघैती अलापुर जैसे कस्बों के सराफा बाजारों में भी खरीदारों की भीड़ है। दुकानों में ग्राहकों के लिए ऑफर और स्कीम चल रही हैं, जिससे खरीदारी और बढ़ गई है। आने वाले दीपोत्सव तक यह रौनक बरकरार रहने की उम्मीद है।
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महिलाएं बोलीं, बिना गहना खरीदे त्योहार अधूरा
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त्योहार पर सोना न खरीदें तो अधूरा लगता है। इसलिए हर साल त्योहार पर सोने व चांदी के जेवरात खरीदते हैं। महंगाई है फिर भी खरीददारी कर रहे हैं। - सुषमा

हम हर साल करवाचौथ पर कुछ न कुछ सोना जरूर खरीदते हैं। इस बार दाम ज्यादा हैं, लेकिन त्योहार बिना सोने के अधूरा लगता है। - गायत्री
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मैंने इस बार भी सोने के जेवरात खरीदे हैं। 18 कैरेट सस्ता था। दुकानदार ने बताया कि 22 कैरेट ज़्यादा टिकाऊ और भरोसेमंद है, इसलिए वही लिया। - सुषमा भट्टाचार्य
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महंगाई चाहे जितनी बढ़ जाए, त्यौहार पर थोड़ा बहुत गहना तो खरीदते हैं। यह हमारी खुशी का हिस्सा है। - निरूपमा विशाल
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-इस बार लोग हल्के वजन के गहने पसंद नहीं कर रहे हैं। लोग 22 कैरेट सोने की ज्यादा मांग कर रहे हैं। - हरिकृष्ण वर्मा, सराफा व्यापारी
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सोनरूपा विशाल।

सोनरूपा विशाल।

सोनरूपा विशाल।

सोनरूपा विशाल।

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