जिलाा अस्पताल की बिल्डिंग। संवाद
बदायूं। नवजात शिशुओं और बच्चों के कान की जांच करने वाली बेरा मशीन जिला अस्पताल में नहीं हैं। इसलिए डॉक्टर अनुमान के आधार पर इलाज कर रहे हैं। कई बार अनुमान सही न होने के कारण उचित इलाज नहीं हो पाता है। इसलिए सीएमएस ने शासन से बेरा मशीन की डिमांड की है।
उन्होंने बताया कि बेरा मशीन न होने के कारण नवजात और छोटे बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इससे इलाज में देरी होती है और बच्चों के संपूर्ण विकास पर भी असर पड़ता है। ईएनटी चिकित्सक ने बताया कि बिना मशीन के जांच करना चुनौतीपूर्ण है। बड़े बच्चों या वयस्कों की तुलना में नवजात में सुनने की समस्या की पहचान करना बहुत कठिन है।
-
वर्जन-
बेरा मशीन जल्द मिलने की उम्मीद है। उस मशीन के मिल जाने से खासकर बच्चों के कान का बेहतर इलाज हो सकेगा। - डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस