बदायूं। किसान सम्मान निधि के लिए सरकार ने शर्त रखी थी कि किसानों को फार्मर रजिस्ट्री 31 जनवरी तक करानी होगी, जो अब निकल चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक तय समयसीमा में 4.50 लाख किसानों में से महज दो लाख किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी है। देर शाम तक तारीख बढ़ने के संबंध में कोई निर्देश शासन से नहीं आए। ऐसे में लगभग 2.5 लाख किसानों की किसान सम्मान निधि फंसने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया है कि घबराए नहीं, फार्मर रजिस्ट्री अभी जारी रहेगी।
जिले में 4.50 लाख किसान हैं, जिन्हें किसान सम्मान निधि दी जा रही है। इस बार सरकार ने किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य कर दिया है। 25 नवंबर को पोर्टल पर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने को कहा गया। इसके लिए तहसील व ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाए गए।
लक्ष्य 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना था। लक्ष्य पूरा न होने पर इसे एक माह और बढ़ा कर 31 जनवरी तक कर दिया गया। तमाम प्रयासों के बावजूद 31 जनवरी तक लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। 31 जनवरी तक महज दो लाख किसान ही फार्मर रजिस्ट्री करा सके।
जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि कई किसान ऐसे हैं जिनकी एक से ज्यादा जगह खेती है। सभी का डाटा एक ही जगह सेव होना है। वह इकट्ठा नहीं हो सका है। पोर्टल तभी लेगा जब सबका डाटा एक जगह इकट्ठा हो जाएगा। इसी कारण कुछ जगह समस्या आ रही है।
बिल्सी में 52 गांव के करीब 15 हजार किसानों की रजिस्ट्री फंसी
बिल्सी तहसील में 52 गांव ऐसे हैं जो पहले चकबंदी में थे, अब राजस्व विभाग के पास आ गए हैं। इन गांवों का डाटा राज्य सरकार को पोर्टल पर दर्ज करना है, जो कि अब तक नहीं हो सका है। इस कारण 52 गांव के करीब 15 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री फंसी हुई हैं। बिल्सी में 63 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन 31 जनवरी तक 19 हजार किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी।
चकबंदी विभाग से अभी अपलोड नहीं हुआ डाटा
बिल्सी के मोर सिंह ने बताया कि चकबंदी विभाग में खसरा-खतौनी के नंबर अपलोड नहीं हैं। जनसेवा केंद्र पर पहुंचे तो पोर्टल पर खाता नंबर डाला तो नाम व पते की पूरी डिटेल नहीं आई। इस कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। बताया गया कि चकबंदी विभाग से अभी डाटा अपलोड नहीं किया गया है।
पोर्टल में कनेक्टिविटी की आ रही समस्या
बिल्सी के गांव बादशाहपुर के हरिओम ने बताया कि दो बार जनसेवा केंद्र पर जा चुके हैं। पोर्टल ही नहीं चल रहा। काफी देर तक खड़े रहे। एक बार पोर्टल चला, जिसके बाद फीडिंग शुरू हुई, लेकिन फिर कनेक्टिविटी चली गई। इस कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। अब इसको फिर जाकर कराएंगे।
4.50 लाख किसानों में से दो लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। कई किसान ऐसे हैं जिनकी कई जगह जमीन है। उनका डाटा नहीं मिल पाया है इसलिए कुछ दिक्कत आई है।- डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जिले में भी काम चल रहा है। यह बात सही है कि 31 जनवरी तक की तारीख दी थी, लेकिन जिले में फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। काम जारी रहेगा। पोर्टल चल रहा है। - केशव कुमार, सीडीओ