सफाई पर प्रतिदिन खर्च हो रहे 20 हजार रुपये फिर भी चोक हैं नाले
नगर पालिका के अधिकारियों की माने तो बारिश के मद्देनजर शहर के नाले साफ कराए जा रहे हैं लेकिन शनिवार को प्रमुख नालों की स्थिति देखी तो कोई सफाई नहीं मिली। नाले कीचड़ से भरे हुए थी और उनमें पानी का निकास संभव नहीं था। पालिका के अधिकारियों का कहना है कि आठ लाख रुपये बजट से दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों के जरिए सफाई कराई जा रही है। जाहिर है कि अगर सफाई ऐसे ही होती रही तो नाले चोक ही रहेंगे और बारिश के दिनों में जलभराव से शहर ‘डूब’ जाएगा। लोगों को बारिश के दिनों में तालाब में परिवर्तित हो जाने वाली सड़कों से होकर गुजरना पड़ेगा।
बता दें कि हर साल नगर पालिका लाखों रुपये खर्च करके नालों की सफाई कराती है। पिछले साल भी इस पर लगभग 10 लाख रुपया खर्च किया गया लेकिन नाले फिर भी चोक रहे और शहर में भारी जलभराव लोगों को झेलना पड़ा। इस बार पालिका दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के जरिए नालों की सफाई करा रही है। नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक, शहर में नालों की संख्या 26 है। इनमें प्रमुख 18 नालों की सफाई विशेष तौर से कराई जाती है। पालिका के अधिशासी अधिकारी डालचंद्र भारती ने बताया कि नालों की सफाई के लिए 64 सफाई कर्मचारी 250 रुपये प्रतिदिन पर लगाए गए हैं और चार लाख रुपये का बजट कूड़ा उठाने वाले वाहन और जेसीबी के डीजल पर खर्च होगा। यह कार्य लगभग 25 दिन में पूरा हो जाएगा। 25 दिन के लिए कुल बजट लगभग सात लाख 80 हजार रुपये है। सफाई निरीक्षक ने बताया कि केदारनाथ महिला इंटर कॉलेज के सामने, अंबा टाकीज के सामने, अंबेडकर पार्क से मथुरा रोड और लोची नगला वाले नालों की सफाई कराई जा चुकी है। जबकि इन नालों को देखकर कोई भी नहीं कहेगा कि इनकी सफाई हो चुकी है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में बारिश में जलभराव तय है।
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कहां-कहां होता है जलभराव
-केदारनाथ महिला इंटर कॉलेज के सामने वाला नाला चोक होने से टिकटगंज, शहवाजपुर मोहल्ले की सड़कें बरसात के दिनों में जलमग्न हो जाती हैं। इससे वहां लोगों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहां के लोगों का कहना है नाला चोक होने की वजह से नालों की गंदा पानी घरों घुस जाता है।
-पनवाड़ी बिजली घर के नाले में कूड़ा भरा होने की वजह से वह बिल्कुल चोक है। वहां मुन्ना लाल, अजय, विजय ने बताया कि जब बरसात होती है तो यहां से सकरी क्लीनिक के सामने से लावेला चौराहे की सड़क लबालब हो जाती हैं। इस नाले का पानी बिल्कुल पास नहीं होता है। गंदे पानी के साथ कूड़ा घरों में जाता है।
-प्राइवेट बस स्टैंड पर यात्रियों को पैर रखने की जगह नहीं रहती है। यहां समस्या तो हर समय बनी रहती है। प्राइवेट बस स्टैंड पर पानी का निकास न होने की वजह से जलभराव बना रहता है। पिछली बरसात में बदायूं क्लब में नाले में पानी के साथ कूड़ा घुस गया था। यह स्थिति अब भी है। इससे बस स्टैंड के आसपास का इलाका जलमग्न हो जाता है।
-नेकरपुर से जाने वाला नाला नेकपुर नई बस्ती से होते हुए सोत नदी की ओर जाता है। यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि नाले की सफाई न किए जाने की वजह से पानी घरों में घुस जाता है, इससे मकान भी गिर जाते है। पिछली बार जब बरसात हुई तो ओकार सिंह का मकान गिर कर नाले में बह गया। -इंद्राचौक पर तो नाले की वजह से कुछ पल खड़े होना भी मुश्किल है। नाले में पड़ी गंदगी से भारी बदबू उठती है। ऐसी हालात में लोग गंदगी की बुरी बदबू आने से लोग बीमार भी पड़ जाते है। लोगों का कहना है कि बारिश में यही गंदगी पानी के साथ घरों में और सड़क पर बहती है।
-जफा की कोठी से टेलीफोन कार्यालय तक जाने वाले नाले का पानी मोहल्ला शहबाजपुर से नई सराय, रजीचौक तक जलभराव हो जाता है। यह पानी रजी चौक से ब्राह्मपुर मोहल्ले में घुस जाता है। लोगों को निकलना दूभर हो जाता है। ऐसी हालत में मोहल्ले वासियों को काफी दिक्कत होती हैं।
-शहर के अन्य नाले चोक होने की वजह से बिरुआवाड़ी मंदिर, पथिक चौक, चौबे मोहल्ला, जिला अस्पताल के पीछे, रोडवेज, बाबूराम मार्केट, स्टेशन रोड आदि जगह जलभराव की समस्या बनी रहती है।
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ये हैं प्रमुख गंदे नाले
केदार नाथ महिला इंटर कॉलेज के सामने वाला नाला, इंद्राचौक से जेल तिराहे तक नाला, गद्दीचौक नाला, साहू धर्मशाला से मछली बाजार वाला नाला, जफा की कोठी से टेलीफोन एक्सचेंज तक वाला नाला, टेलीफोन एक्सचेंज से ब्राह्मपुर इमली चौक तक वाला नाला, अंबा टाकीज वाला नाला, गोपी चौक लोटनपुरा तिराहे वाला नाला, भूदेवी जोशी के मकान से सराय फकीर वाला नाला, गुडविल फोटे स्टेट से इंद्राचौक वाला नाला, त्रिवेदी के मकान से इंद्रचौक बरेली रोड वाला नाला, अंबेडकर पार्क से मथुरा रोड वाला नाला, चुन्ना आरा मशीन से वीरान मस्जिद वाला नाला, दरगाह से चुन्ना आरा मशीन वाया सोथा खेल वाला नाला, लोची नगला चौराहे से गोपी चौक वाला नाला,प्रकाश कोल्ड स्टोर से रेजेंसी होटल वाला नाला, सिंगलर गर्ल्स इंटर कॉलेज से मुकेश जौहरी नेकपुर वाला नाला, ब्राह्मपुर विनय कुमार और बिजली घर पनवाड़ी के सामने वाला नाला। ये नाले चोक हैं।
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क्या कहते है लोग......
नेकपुर के अनेक पाल सिंह ने बताया कि नेकपुर में कभी नाले की सफाई और मरम्मत नहीं हुई है। नाले की सफाई न होने की वजह से यहां कई लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इस मोहल्ले के लोगों की कोई नही सुनता है।
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सचिन गुप्ता ने बताया कि रोडवेज से लेकर पूरा वाटर वर्क्स रोड जलमग्न हो जाता है। यहां सार्वजनिक स्थल होने के कारण आवागमन ज्यादा रहता है। यात्री आए दिन गिरते रहते हैं।
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मुकेश रस्तोगी ने कहा कि स्टेशन रोड पुराना बस स्टैंड पर गद्दी चौक का नाला चोक होने की वजह से बाबूराम मार्केट तक पूरा रोड बरसात के पानी से भर जाता है, इसलिए यहां की रोड भी बहुत जल्दी टूट जाती है। पानी भरे रहने की वजह से लोगों के दुपहिया वाहन गिरते रहते हैं।
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मोहल्ला पनवाड़ी के मुन्ना लाल ने बताया कि अगर यह नाला साफ हो जाए तो यहां जलभराव की समस्या दूर हो। जब बरसात होती है तो गंदा पानी घरों मेें भर जाता है। रहना तो दूर खाना, खाना मुश्किल हो जाता है।