मुस्लिम खां ने बताया कि पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की पैरवी पर वह सपा में आए थे। 2017 में उनसे कहा गया कि सपा प्रत्याशी आशीष को लड़ा दें, अगला चुनाव शेखूपुर से उन्हीं को लड़ाया जाएगा।
सपा से शेखूपुर से टिकट मांग रहे मुस्लिम खां ने टिकट न मिलने की स्थिति में बागी रुख अपना लिया है। लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात करने के बाद वह देर शाम ककराला में अपने आवास पर लौट आए। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में उनके टिकट की घोषणा बसपा से हो सकती है। दमदारी से चुनाव लड़ेंगे।
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उसहैत विधानसभा क्षेत्र से 2007 में बसपा सरकार में मुस्लिम खां विधायक रहे थे। उसहैत विधानसभा खत्म होने के बाद शेखूपुर सीट अस्तित्व में आई तो यहां भी उन्होंने 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ा। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा।
बातचीत में मुस्लिम खां ने बताया कि पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की पैरवी पर वह सपा में आए थे। तब 2017 में उनसे कहा गया कि सपा प्रत्याशी आशीष को लड़ा दें, अगला चुनाव शेखूपुर से उन्हीं को लड़ाया जाएगा। उन्हें पूरा यकीन था कि 2022 के चुनाव में उन्हें टिकट मिलेगा पर जानकारी मिली है कि गुपचुप सिंबल आशीष यादव के बेटे हिमांशु को दे दिया गया है। इसलिए उनका भरोसा सपा से उठ गया है। वह साफ दिल के शख्स हैं और धोखे की राजनीति नहीं करते हैं।
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पुराने संबंधों के आधार पर उन्होंने लखनऊ जाकर बसपा सुप्रीमो से मुलाकात की। बसपा सुप्रीमो ने भी बड़ा दिल करके अपने पुराने सिपाही को बसपा में लेने और टिकट देने का भरोसा दिया है। एक-दो दिन में टिकट की घोषणा संभव है। वह पूरे दमखम से चुनाव लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे।