सरकार ने काले धन पर शिकंजा कसने के लिए संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर कड़ी निगरानी बैठाई है। रजिस्ट्री विभाग को निर्देशित किया गया है कि नियमों के अनुकूल अगर कोई संपत्ति 20 हजार से अधिक की है, तो उसका भुगतान चेक, ड्राफ्ट अथवा ई-बैंकिंग प्रणाली से होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो 100 प्रतिशत तक का जुर्माना हो सकता है।
इस संबंध में उपनिबंधक योगेश कुमार ने सभी प्रलेखकों को इस संबंध में सूचना भी जारी कर दी है। आगाह किया गया है कि इनकम टैक्स विभाग से आए दिशा निर्देशों को हर हाल में पालन होना है। उप निबंधक ने इस संबंध में सभी प्रलेखकों को इनकम टैक्स विभाग से आए निर्देशों की प्रतियां भी उपलब्ध कराई हैं। कहा गया है कि इसी आधार पर दस्तावेज तैयार किए जाएं। साफ तौर पर कहा है कि इस नियम को एक जून से प्रभावी कर दिया गया है। 20 हजार से ऊपर की संपत्ति क्रेता को बैंक ड्राफ्ट, चेक और आरटीजीएस (बैंकिंग प्रणाली) के माध्यम से ही किया जाएगा। अगर, ऐसा नहीं है तो आयकर विभाग को जुर्माना का अधिकार है। आयकर विभाग इसमें 100 प्रतिशत तक जुर्माना वसूल सकता है। यही नहीं संपत्ति को भी अपने कब्जे में कर सकता है। सरकार का मानना है कि काला धन रखने वाले अपनी रकम अधिकतर संपत्ति की खरीद फरोख्त में लगाते हैं। काला धन रोकने में इस पर नियंत्रण जरूरी है। इसलिए ही संपत्ति की खरीद फरोख्त पर नकद खरीद का कठोर नियमावली में रखा गया है।
आयकर विभाग ने इस संबंध में एक जून से ही अमल करने को निर्देश जारी कर दिए हैं। विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा संपत्ति खरीदने वालों पर भी यह लागू होगा।
-एसएस उपाध्यक्ष, कार्यालय अधीक्षक, आयकर कार्यालय, बदायूं।