बदायूं। आंतों में बैक्टीरिया के असंतुलन की वजह से लोग आईबीएस (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) के शिकार हो रहे हैं। इस तरह के मरीज हर दिन जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए डॉक्टर नियमित योग और दवा खाने की सलाह दे रहे हैं। पिछले 10 दिनों में इस तरह के 30 मरीज ओपीडी में आ चुके हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आजकल व्यक्ति फास्ट फूड से ही अपना पेट भर लेते हैं। इस वजह से शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और शरीर कमजोर होने लगता है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले कई मरीजों में देखा गया कि फास्ट फूड और तैलीय चीजों के इस्तेमाल से उनकी आंतों में बैक्टीरिया असंतुलित हो रहे हैं। इसका असर दिमाग में भी पड़ रहा है। दिनभर पेट खराब होने जैसी सोच बनी रहती है। इसे आईबीएस कहते हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में पिछले 10 दिनों में इस तरह के 30 मरीज आ चुके हैं। ऐसे मरीजों को सलाह है कि वह नियमित रूप से योग करें और डॉक्टर की सलाह पर दवा लें। फास्ट फूड खाने से बचें।