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बदायूं दोहरा हत्याकांड: आरोपी ने 10 कदम की दूरी से दागी थीं चार गोलियां, सुधीर को दो तो हर्षित को एक लगी

Sat, 14 Mar 2026 12:06 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के दातागंज इलाके में बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े एचपीसीएल प्लांट के दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या कर दी गई थी। दोनों के शवों का रात दो बजे तक पोस्टमॉर्टम चला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 
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बदायूं दोहरा हत्याकांड - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बदायूं के दातागंज क्षेत्र में गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या के बाद उनके शवों के पोस्टमॉर्टम कराने से पहले जिला अस्पताल में एक्सरे कराए गए। इसके बाद बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे तक दोनों के पोस्टमॉर्टम हो सके। सामने आया है कि दोनों अधिकारियों को करीब दस कदम दूरी से ही गोली मारी गई। सुधीर गुप्ता को दो तो हर्षित मिश्रा को एक गोली लगी, जिससे दोनों की मौत होना पाया गया है। गोली 315 बोर के तमंचे से ही मारे जाने की पुष्टि हुई।

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बता दें कि घटना में दो तमंचे इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक अजय ने प्लांट में घुसने के बाद दोनों हाथों से गोलियां चलाई थीं। कुल चार गोलियां चलाने बताया गया है। इन्हीं में से तीन गोलियां दोनों अधिकारियों को लगीं, जबकि एक गोली तमंचे में फंसी रह गई। गोली फंसे तमंचे के साथ ही अजय ने थाने में समर्पण किया। दूसरे तमंचे की बरामदगी के लिए ही पुलिस उसे लेकर जंगल गई, जहां मुठभेड़ होना बताया गया। 

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हर्षित मिश्रा के परिजन शव को पीलीभीत के पूरनपुर को लेकर सरकारी एंबुलेंस से रवाना हुए। वहीं सुधीर के शव को नोएडा के सेक्टर 50 के रहने वाले परिवार के लोग ले गए। कंपनी के कुछ कर्मचारी  अपनी-अपनी कार से निकले। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने में 12 घंटे का समय लग गया। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों को जो भी  देख रहा था उसकी आंखे नम हो जा रहीं थीं। प्रशासन की ओर से एलएस सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई थी। जिनसे घर तक शवों को पहुंचाया जा सका। 

एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जूनियर एक्जीक्यूटिव जीशान बोले- अचानक मची भगदड़
एफआईआर दर्ज कराने वाले कंपनी के जूनियर एक्जीक्यूटिव जोशान घटना के समय अपने कार्यालय में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब दो बजे प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को इधर-उधर भागते देखा। पूछने पर पता चला कि मीटिंग हॉल में गोलियां चल गई हैं। यह सुनकर वह मीटिंग हॉल की तरफ गए तो बाहर की ओर एचसीपीएल के अधिकारी लोकेश कुमार मिले। 

उन्होंने बताया कि हम सब लोग मीटिंग कर रहे थे कि तभी सैजनी निवासी अजय प्रताप सिंह ने सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा को गोली मार दी और कंपनी की गाड़ी से भाग गया। बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के रहने वाले जीशान ने बताया कि उनके पास हर्षित मिश्रा के पिता का मोबाइल फोन नंबर था, इसलिए सबसे पहले उन्हें ही कॉल की और हादसे होना बताया। दोबारा कॉल कर गोली मारे जाने की जानकारी दे दी। 
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दातागंज के होटल में ठहरे कर्मचारी भी रातों-रात छोड़ गए कमरे
सैजनी स्थित एचपीसीएल के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लॉट में आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों ने दातागंज के एक होटल के दस कमरे बुक करा रखे थे। उन्हीं में वे ठहरे हुए थे। बृहस्पतिवार को घटना के बाद वे भी कमरे छोड़कर चले गए। कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी पर रखने व निकालने का काम सोपान कंपनी के पास ठेका है। कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर खाने-पीने व रहने तक की व्यवस्था इसी फर्म के द्वारा की जा रही है।

कर्मचारियों को ठहराने के लिए दातागंज के होटल के कमरे 55 हजार रुपये प्रतिमाह के किराये पर ले रखे थे। प्लांट में काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि 12 से ज्यादा कर्मचारी इन्हीं कमरों में रहते आ रहे थे। दोनों अधिकारियों की हत्या की सूचना मिलने के बाद गेस्ट हाउस में रुके सात कर्मचारी बृहस्पतिवार रात में ही अपना सामान लेकर भाग गए। यह सभी कर्मचारी बाहर के रहने वाले थे। धीरे-धीरे सभी कर्मचारी अपने-अपने घर चले गए हैं। 

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