एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
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जूनियर एक्जीक्यूटिव जीशान बोले- अचानक मची भगदड़
एफआईआर दर्ज कराने वाले कंपनी के जूनियर एक्जीक्यूटिव जोशान घटना के समय अपने कार्यालय में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब दो बजे प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को इधर-उधर भागते देखा। पूछने पर पता चला कि मीटिंग हॉल में गोलियां चल गई हैं। यह सुनकर वह मीटिंग हॉल की तरफ गए तो बाहर की ओर एचसीपीएल के अधिकारी लोकेश कुमार मिले।
उन्होंने बताया कि हम सब लोग मीटिंग कर रहे थे कि तभी सैजनी निवासी अजय प्रताप सिंह ने सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा को गोली मार दी और कंपनी की गाड़ी से भाग गया। बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के रहने वाले जीशान ने बताया कि उनके पास हर्षित मिश्रा के पिता का मोबाइल फोन नंबर था, इसलिए सबसे पहले उन्हें ही कॉल की और हादसे होना बताया। दोबारा कॉल कर गोली मारे जाने की जानकारी दे दी।
दातागंज के होटल में ठहरे कर्मचारी भी रातों-रात छोड़ गए कमरे
सैजनी स्थित एचपीसीएल के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लॉट में आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों ने दातागंज के एक होटल के दस कमरे बुक करा रखे थे। उन्हीं में वे ठहरे हुए थे। बृहस्पतिवार को घटना के बाद वे भी कमरे छोड़कर चले गए। कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी पर रखने व निकालने का काम सोपान कंपनी के पास ठेका है। कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर खाने-पीने व रहने तक की व्यवस्था इसी फर्म के द्वारा की जा रही है।
कर्मचारियों को ठहराने के लिए दातागंज के होटल के कमरे 55 हजार रुपये प्रतिमाह के किराये पर ले रखे थे। प्लांट में काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि 12 से ज्यादा कर्मचारी इन्हीं कमरों में रहते आ रहे थे। दोनों अधिकारियों की हत्या की सूचना मिलने के बाद गेस्ट हाउस में रुके सात कर्मचारी बृहस्पतिवार रात में ही अपना सामान लेकर भाग गए। यह सभी कर्मचारी बाहर के रहने वाले थे। धीरे-धीरे सभी कर्मचारी अपने-अपने घर चले गए हैं।