हर बार देखा गया है कि जब कभी भी डग्गामार वाहनों से कोई बड़ा हादसा होता है, तब परिवहन महकमा तेवर दिखाता है। कुछ दिनों तक डग्गामार वाहनों की धरपकड़ को अभियान चलाता है फिर पुराने ढर्रें पर आ जाता है। शायद यही वजह है कि बिना लाइसेंस के तमाम चालक दातागंज-बदायूं मार्ग पर डग्गामार वाहनों को तेज रफ्तार के साथ दौड़ा रहे हैं। एक पखवाड़े के अंदर ही इस रोड पर चार लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें तीन लोग तो डग्गामार वाहनों से ही मरे हैं। खास बात तो यह है कि बदायूं-दातागंज तक दौडने वाले यह वाहन तीन थानों की पुलिस के सामने से गुजरते हैं। पर न तो पुलिस ही इन पर अंकुश लगा पा रही है और न ही परिवहन महकमा। यहीं ंवजह है कि डग्गामार वाहनों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।
पहले 42 बसें थीं संचालित
बात करीब एक दशक पहले तक की है। बदायूं-दातागंज मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम से अनुबंधित करीब 42 बसें संचालित थीं। समय के साथ-साथ इन बसों के पहिय भी जाम हो गए। वर्तमान में इस रोड को पूरी तरह से डग्गामार वाहनों ने गिरफ्त में ले रखा है। दिन निकलने से देर शाम तक यह वाहन बिना किसी रोकटोक के तेज रफ्तार से दौड़ते रहते हैं। थाना सिविल लाइन, मूसाझाग और दातागंज की पुलिस की नजरों के सामने ही इन वाहनों में यात्रियों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। इनके संचालक यात्रियों की सुरक्षा के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं रहते हैं। यहीं वजह है कि तीन सवारियों की सीट पर पांच को बैठाया जाता है।
15 दिन में चार की मौत
इस मार्ग पर बीते पखवाड़े में चार लोगों की मौत हो चुकी है। गनगोला के पास थ्री व्हीलर के पलटने से चालक की मौत हुई थी। ढिलवारी के पास डग्गामार की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की मौत हुई। भुड़ेली के पास तेज रफ्तार बस ने एक को कुचल दिया था।
अब रह गईं हैं सिर्फ चार अनुबंधित बसें
एक दशक पहले तक इस मार्ग पर 42 अनुबंधित बसें चलती थीं तब दातागंज-बदायूं को आने-जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होती थी। कुछ रोडवेज बसें भी संचालित थीं। लेकिन बाद में डग्गामार वाहन दौड़ने लगे। अब सिर्फ चार अनुबंधित बसें चल रहीं हैं। और कुछ रोडवेज बसें।
राजस्व की हो रही हानि
राज्य सड़क परिवहन निगम बदायूं डिपो के कर्मचारियों ने बताया कि डग्गामार वाहनों के दौड़ने से रोडवेज डिपो बदायूं को रोजाना लगभग 50 हजार रुपये राजस्व की हानि हो रही है।
डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पकड़े जाने पर उन्हें सीज भी किया जाता है। इस मार्ग पर भी अभियान चला है और आगे भी जारी रहेगा।
-उदयवीर सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन