वह शौच करने के लिए भी चीखती रही, लेकिन उस पर किसी को दया नहीं आई। मजबूरी में महिला ने बंद कमरे में ही शौच कर ली। वह उल्टी भी करती रही इससे कमरे से दुर्गंध आने लगी। तीन दिन बाद सोमवार को उस कमरे से दुर्गंध आने के साथ ही वृद्धा की चीखपुकार कमरे के बाहर तक निकली तो किसी ने इसकी वीडियो बनाकर डीएम मनोज कुमार को भेज दी।
स्टाफ को लगाई फटकार
वीडियो देखते ही डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीएमएस डॉ. विजय बहादुर को फोन किया तो पता चला कि सीएमएस बाहर हैं। इसके बाद डीएम ने सीएमओ को भेजा तो उन्होंने स्टाफ को फटकार लगाते हुए वृद्धा को निकलवाया। सीएमओ के पूछने पर स्टाफ ने बताया कि वह बार-बार भागने की कोशिश कर रही थी, इसलिए उसको बंद कर दिया।
सीएमओ ने वृद्धा से नाम पता पूछा तो वह नहीं बता सकी। उसने खुद को शहर से सटे गांव नगला शर्की का बताया। उसने बताया कि वह मंदिर पर थी। हालत बिगड़ने पर एक महिला उसको इलाज के लिए यहां लेकर आई थी। इसके बाद स्टाफ ने उसको कमरे में बंद कर दिया।
सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि डीएम को किसी ने वृद्घा के कमरे में बंद होने की सूचना दी थी। डीएम के निर्देश पर हमने वृद्घा को कमरे से निकलवाकर उनका इलाज शुरू कराया। स्टाफ को चेतावनी दी गई है।