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हिंदू समाज समरसता के भाव से एकजुट रहें : जगजीवन

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म्याऊं में विराट हिंदू सम्मेलन में मौजूद अति​थि गण। संवाद
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म्याऊं। रामलीला मैदान में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष पर हिंदू सम्मेलन हुआ। मुख्य वक्ता जगजीवन राम ने कहा कि समाज से जातिवाद और भेदभाव को समाप्त करना समय की आवश्यकता है। एक संगठित और समरस समाज ही देश को मजबूत और समृद्ध बना सकता है।
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मुख्य अतिथि मेधानन्द सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में यह संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है कि हिंदू समाज समरसता के भाव से एकजुट रहे। समाज से जातिवाद और भेदभाव को समाप्त करना समय की आवश्यकता है। एक संगठित और समरस समाज ही देश को मजबूत और समृद्ध बना सकता है।
उन्होंने संघ के कार्यों पर भी प्रकाश डाला। कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक विचारधारा है, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव को अपनाने का आह्वान किया।
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सम्मेलन के दौरान राष्ट्रहित, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता को लेकर विचार रखे गए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला प्रचारक भरतजी, देवेंद्र पाठक, राजेश्वर पाठक, दीपक गुप्ता आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हिंदू सम्मेलन में दिया एकता का संदेश



इस्लामनगर। संस्कृत विद्यालय में हिंदू सम्मेलन हुआ। मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के संगठन मंत्री राजेश रहे। उन्होंने कहा कि एक रहोगे तो नेक रहोगे, बंटोगे तो कटोगे। उनका कहना था कि सभी हिंदुओं को जातिगत भेदभाव बुलाकर एक रहना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे हैं विजय प्रकाश शर्मा ने कहा कि सनातन और बच्चों के भविष्य के लिए एकता जरूरी है। पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र लीडर, जयदेवी शास्त्री, महंत बालकनाथ ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। संचालन कवि शिव कुमार ने किया। कार्यक्रम में हितेंद्र शंखधार, कुलदीप गुप्ता, राकेश गुप्ता, संजीव पहलवान आदि मौजूद रहे। संवाद
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