नहीं पूरी हो सकी पेंशन पाने की आस, नियमों की आड़ लेकर बच निकलते हैं अफसर
पेंशन की आस में विभिन्न विभागों के चक्कर लगाना कई लोगों की नियति बन चुका है। ऐसे 50 हजार से अधिक लोग हैं जो चक्कर काटने को मजबूर हैं, पर अब तक या तो उनके खाते में पेंशन नहीं पहुंची है या फिर उनकी पेंशन मंजूर ही नहीं की गई। इस संबंध में अफसर नियमों का सहारा लेकर बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं।
जिले में समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग कल्याण विभाग से विकलांग पेंशन, और प्रोबेशन विभाग से विधवा पेंशन संचालित होती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में लाभार्थियों का सत्यापन करा लिया गया है, पर अब भी अनेक लोग हैं जिनकी या तो पेंशन मंजूर नहीं की गई है या फिर मंजूर करने के बाद भी राशि उनके खातों में नहीं भेजी गई है।
जिले में इस समय एक लाख से अधिक ऐसे लोग हैं जिनको पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसमें वृद्धावस्था के तहत 57010 में 52722 को, विधवा के तहत 37579 में 31631 और विकलांग के तहत 17000 में 15653 को पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा काफी संख्या में आवेदक आज भी विकास भवन के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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सुविधा शुल्क लेने के बाद ही पेंशन स्वीकृत करने का आरोप
म्याऊं ब्लाक की खुशुनमा ने आरोप लगाया कि उन्हीं लोगों की पेंशन स्वीकृत है, जो सुविधा शुल्क देते हैं। वह कई महीनों से चक्कर काट रही पर पेंशन स्वीकृत नहीं की गई। हर बार कर्मचारी आश्वासन देकर लौटा देते हैं। उसका कहना है कि उसके पति का करीब आठ माह पहले देहांत हो गया था, पर आज तक विधवा पेंशन नहीं मिली।
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..तो कागजों में मार दिया श्याम लाल को
ब्लाक अंबियापुर निवासी श्यामलाल को कागजों में मारने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई। बृहस्पतिवार को दिन में करीब 12 बजे एक बूढ़ा समाज कल्याण विभाग में शिकायती पत्र लेकर पहुंचा। उसने बताया कि उसको वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ 2008 से लगातार मिल रहा है। इसके बाद उसको कागजों में मृत घोषित कर पेंशन काट दी गई। इसको लेकर उसने समाज कल्याण अधिकारी से पेंशन चालू कराने की मांग की पर अब तक सुनवाई नहीं हो सकी है।
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लगातार लगा रहे चक्कर पर नहीं हो रही सुनवाई
ब्लाक आसफपुर के गांव निजामुद्दीन पुर शाह के चंद्रपाल ने बताया कि उसने वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया। कहा गया कि आवेदन गलत है, वह लगातार चक्कर लगा रहा है पर उसकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। समझ ही नहीं आता कि करे तो क्या करे? ------------- -------------------
होगी तो कब आखिर कब होगी सुनवाई
सखानूं के गुलाम सरवर का कहना है कि वह दो महीने से विकास भवन में समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उनके आवेदन में कोई न कोई कमी निकाल कर टरका दिया जाता है। उनके साथ आए इदरीस ने बताया कि कई बार लगातार आने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाता।
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क्या कहते हैं अफसर
समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा का कहना है कि 52722 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। करीब 12 सौ और आवेदको को लाभांवित करने के लिए प्रक्रिया चलाई जा रही है। बात रही 2223 आवेदकों की तो इनमें किसी का आधार लिंक नहीं है तो किसी का पहचान पत्र। इस वजह से इनको पेंडिंग में डाल दिया गया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि कई नए आवेदनों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर ब्लाक में कैंप लगाकर भी पेंशन स्वीकृत की जा रही, फिर भी अगर किसी की शिकायत है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है।