बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक बने प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद पूरे मार्ग पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर बहुस्तरीय और हाईटेक व्यवस्था लागू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा तैयार इस व्यापक सुरक्षा ढांचे में अत्याधुनिक कैमरों की निगरानी, 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग, त्वरित चिकित्सा सुविधा और केंद्रीकृत कंट्रोल सिस्टम शामिल हैं। बदायूं जनपद, जहां एक्सप्रेसवे का लगभग 92 किलोमीटर लंबा हिस्सा गुजरता है, वहां विशेष रूप से सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किया गया है।
जनपद बदायूं में एक्सप्रेसवे की लंबी दूरी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। यहां छह पुलिस पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं, जो दिन-रात एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहे हैं। 10 मई तक विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ओवरस्पीडिंग, संदिग्ध गतिविधियों और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बदायूं जिले के 92 किलोमीटर के दायरे में पुलिस के छह वाहन 24 घंटे पेट्रोलिंग कर रहे है। घटपुरी, वनकोटा व डहरपुर इंटरचेंज के पास दातागंज, बिनावर व वजीरगंज थाने की पुलिस व 112 पीआरवी वाहन लगातार निगरानी कर रहे है। वनकोटा के पास एक्सप्रेस वे पर एक पुलिस चौकी भी जल्द बनाने की तैयारी की जा रही है।
चार ग्रुप में बांटा गया है एक्सप्रेसवे, हर सेक्शन में राहत व सुरक्षा संसाधन
करीब 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को चार ग्रुप में विभाजित किया गया है, जिनकी औसतन लंबाई 150 किमी है। प्रत्येक ग्रुप में सड़क सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन तैनात किए गए हैं।
हर ग्रुप में 6 रूट पेट्रोलिंग वाहन और 6 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिससे पूरे एक्सप्रेसवे पर कुल 24 पेट्रोलिंग वाहन और 24 एंबुलेंस सक्रिय हैं। इसके अलावा 30 मीट्रिक टन क्षमता की 8 क्रेन, 15 मीट्रिक टन की 8 क्रेन और हाइड्रा मशीनें भी तैनात की गईं हैं, जो दुर्घटना या वाहन खराब होने की स्थिति में तत्काल राहत कार्य सुनिश्चित करेंगी।
लगाए गए हैं पीटीजेड, ग्लोबल शटर, ओवरव्यू और एएनपीआर कैमरे
गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा की रीढ़ माने जाने वाले एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत पूरे मार्ग पर 1000 से अधिक आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 589 पीटीजेड कैमरे, 360 ग्लोबल शटर कैमरे, 180 ओवरव्यू कैमरे, 96 एएनपीआर कैमरे और 400 अन्य निगरानी कैमरे शामिल हैं। ये कैमरे वाहनों की गति, गतिविधियों और नंबर प्लेट तक की निगरानी करते हैं। किसी भी संदिग्ध स्थिति या दुर्घटना की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचती है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
5 मास्टर कंट्रोल रूम और 22 सबकंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग
पूरे एक्सप्रेसवे की निगरानी के लिए 5 मास्टर कंट्रोल रूम और 22 सब-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा लखनऊ स्थित केंद्रीय कंट्रोल रूम से भी पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है। सभी कंट्रोल रूम अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और यहां से हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
14449 हेल्पलाइन नंबर किया गया जारी
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर 14449 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में इस नंबर पर कॉल करते ही तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही प्रमुख टोल प्लाजा पर कंट्रोल कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से सुरक्षा और यातायात की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हर टोल पर मेडिकल पोस्ट, एंबुलेंस और स्टाफ तैनात
एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैम्प टोल प्लाजा पर मेडिकल पोस्ट स्थापित किए गए हैं। बदायूं के तीन रैम्प टोल प्लाजा पर भी एक एंबुलेंस और दो पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, जिससे दुर्घटना या स्वास्थ्य आपात स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
12 जिलों में समन्वित सुरक्षा व्यवस्था
गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है। इन सभी जिलों में स्थानीय पुलिस को एक्सप्रेसवे की लंबाई के अनुसार कुल 20 अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे हर जिले में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
गंगा एक्सप्रेसवे पर पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। तीनों इंटरचेंज से लेकर पूरे क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग लगातार जारी है। एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है। संबंधित थाने व पीआरवी वाहन की पुलिस टीम लगातार निगरानी में लगी है। - रजनीश उपाध्याय, सीओ यातायात
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल अभी मुफ्त, कंप्यूटर पर हो रही वाहनों की एंट्री
बिनावर। गंगा एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर फिलहाल वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। टोल का काम 29 अप्रैल की रात करीब नौ बजे से शुरू हो गया है, लेकिन अभी टोल मुफ्त है।
शुक्रवार को घटपुरी टोल प्लाजा पर मिले टोल क्लस्टर रामकिशोर और विनय चौहान ने बताया कि टोल प्लाजा से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की कंप्यूटर पर एंट्री की जा रही है। यह प्रक्रिया टोल प्रणाली को स्थापित करने और परीक्षण करने के लिए की जा रही है। पिछले दो दिनों में गंगा एक्सप्रेसवे के इस टोल प्लाजा से अब तक करीब चार सौ वाहन गुजर चुके हैं। इन वाहनों में निजी और व्यावसायिक दोनों तरह के वाहन शामिल हैं। टोल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी किसी भी वाहन चालक से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। टोल फ्री होने के कारण यात्रियों को फिलहाल राहत मिल रही है। टोल संग्रह कब से शुरू होगा, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी तरह डहरपुर व वनकोटा टोल प्लाजा पर भी लोगों से अभी टोल नहीं लिया जा रहा है। संवाद
गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगे हाईटेक कैमरे। संवाद
गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगे हाईटेक कैमरे। संवाद
गंगा एक्सप्रेस-वे पर लगे हाईटेक कैमरे। संवाद