एनकाउंटर की दी थी धमकी
उन पर कानूनी कार्रवाई और एनकाउंटर की धमकी दी लेकिन कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 29 मई को बिनावर पुलिस को मुकदमे के आदेश दिए थे। पुलिस कोर्ट के आदेश को एक महीने तक दबाए बैठी रही। कोर्ट की अवहेलना की कार्रवाई से बचने के लिए अब तत्कालीन एसओ समेत 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। 90 दिन पूरे होने के बाद विवेचना में कुछ भी नहीं किया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिसकर्मी हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट से उनको स्टे मिल गया।
कई साल से एसओजी में डटे हैं पुलिसकर्मी
कोर्ट के आदेश पर बिनावर थाने के तत्कालीन एसओ केके शर्मा, तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर गुड्डू सिंह, उपनिरीक्षक शेरपाल सिंह, उपनिरीक्षक सुम्मेर सिंह, उपनिरीक्षक रामनाथ कन्नौजिया, कांस्टेबल योगेश कुमार, सुमित कुमार, विकास कुमार, शैलेंद्र गंगवार, मोहित कुमार, मनोज, चरन सिंह के अलावा एसओजी के तत्कालीन प्रभारी व उझानी कोतवाल नीरज मलिक, उपनिरीक्षक धर्वेंद्र सिंह, कांस्टेबल संजय सिंह, सचिन झा, विपिन कुमार, सचिन कुमार, मुकेश कुमार, सराफत हुसैन, आजाद कुमार, भूपेंद्र कुमार, कुशकांत, अरविंद कसाना, मनीश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एसओजी टीम में कई ऐसे पुलिसकर्मी हैं जो कई वर्षों से डटे हैं। उनकी आए दिन पुलिस अधिकारियों से शिकायतें होती रहती हैं।