नेपाल में बदायूं के लोग
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जेल का ताला तोड़ कैदियों को निकाला गया
श्रद्धालुओं ने फोन पर परिजनों को बताया कि वह काठमांडू के मेरिडियन होटल में रुके। यह होटल जिस इलाके में हैं, उसी के पास संसद भवन और कुछ राष्ट्राध्यक्षों के आवास भी हैं। समीप की एक बड़ी जेल से उपद्रवियों ने कैदियों को निकालने का प्रयास किया। जेल का ताला तोड़कर कैदियों को बाहर लाया गया और फिर पूरे इलाके में लूटपाट, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई।
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उपद्रव के कारण यह लोग (श्रद्धालु) भयभीत होकर होटल में ही दुबके रहे। होटल स्टाफ ने उपद्रवियों को अंदर घुसने से रोकने का हरसंभव प्रयास किया। पास के एक अन्य होटल में आगजनी होते देख वह लोग भयभीत हो गए थे। सभी ने हाथ जोड़कर भगवान से प्रार्थना की कि वे सकुशल अपने घर लौट जाएं। उधर, नेपाल में अशांति के बीच जिले के बिनावर के चार और दातागंज के दो लोग फंसे हुए हैं।
आठ सितंबर को शुरू हुई थी हिंसा
श्रद्धालुओं ने बताया कि वह लोग सात सितंबर को काठमांडू पहुंचे थे। अगले दिन आठ सितंबर से हिंसा शुरू हो गई। उपद्रव बढ़ने से उसी दिन होटल की बिजली काट दी गई और खाना बनाने वाला स्टाफ तक भाग गया। श्रद्धालुओं को एक दिन तो अपने स्तर पर खाने-पीने की व्यवस्था करनी पड़ी। बाद में दूतावास की पहल पर दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान पहुंचाया गया। धीरे-धीरे बिजली-पानी और भोजन की व्यवस्था बहाल की गई।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाया भयावह अनुभव
नेपाल में फंसे श्रद्धालु संजय शंखधार ने बताया कि होटल के बाहर तांडव मचा था। उपद्रवी हर चीज लूट रहे थे, रोकने वालों के साथ मारपीट कर रहे थे। पुलिस भी मौके से भाग गई थी। बाद में सेना ने हालात संभाले। पेट्रोल पंप स्वामी वीरेंद्र बॉबी ने कहा कि एक पल को तो लगा अब सब खत्म हो जाएगा। मगर भगवान की कृपा से सभी सकुशल रहे।