बदायूं। चर्चित अमर ज्योति चिटफंड घोटाले में करीब 200 करोड़ रुपये के चर्चित ठगी प्रकरण में आरोपी शशिकांत, सूर्यकांत और श्रीकांत को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत से उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद अब पुलिस के लिए गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।
घोटाले में नामजद तीनों भाइयों ने अपने खिलाफ दर्ज केस को निरस्त कराने और गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद पुलिस कार्रवाई तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। बताया जाता है कि बरेली निवासी ये तीनों भाई लंबे समय तक निवेशकों को रुपये लौटाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन मई 2025 में अचानक अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गए। इसके बाद ठगी का मामला खुलकर सामने आया और बड़ी संख्या में निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई।
-
बदायूं-बरेली में दर्ज हैं कई केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए बदायूं में चार समेत बरेली में भी कई केस दर्ज किए जा चुके हैं। निवेशकों ने आरोप लगाया कि कंपनी के जरिये करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। इस प्रकरण को लेकर दोनों जिलों में विरोध-प्रदर्शन भी हुए और मामला सुर्खियों में बना रहा।
-
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं लौटाए रुपये
सूत्रों के अनुसार, इससे पहले हाईकोर्ट ने आरोपियों को निवेशकों के रुपये लौटाने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। इसके बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए याचिका खारिज कर दी, जिससे आरोपियों को बड़ा झटका लगा है।
निवेशकों की बढ़ी चिंता, कार्रवाई की मांग तेज
याचिका खारिज होने के बाद जहां एक ओर पुलिस की कार्रवाई तेज होने की संभावना है, वहीं निवेशकों में अपनी रकम वापस मिलने को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि अब आरोपी रुपये लौटाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी की करेंगे मांग
मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार ने बताया कि अभी उनको हाईकोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिली है। लेकिन फैसला हो गया है। उन्होंने कहा जल्द ही पुलिस प्रशासन से मिलकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।