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Budaun News: झमाझम बारिश से मिली गर्मी से राहत, धान की कटी फसलें खराब

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उझानी में पंखा रोड पर भरे बारिश के पानी में होकर निकलते वाहन। संवाद
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बदायूं। जिले में सुबह से दोपहर तक हुई बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई। वहीं यह बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। बेमौसम बारिश से खेतों में कटी धान की फसल भीग गई। इससे किसानों का नुकसान हुआ हैं। वहीं शहर व ग्रामीण इलाके में कई जगह पर जलभराव होने से भी लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
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पिछले कई दिनों से लगातार उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। शहर के कई इलाकों में बारिश के कारण हल्का जलभराव हो गया। जोगीपुरा, शिवपुरम, जवाहरपुरी की सड़कों पर पानी भर गया। जिससे राहगीरों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। हालांकि पानी थमते ही धीरे-धीरे जलभराव भी उतर गया। लोगों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से धूप और उमस इतनी बढ़ गई थी कि घर से निकलना मुश्किल हो रहा था, लेकिन मंगलवार की बरसात ने गर्मी से पूरी तरह निजात दिला दी। वहीं बच्चे और युवा इस अचानक हुई बरसात का खूब आनंद उठाते नजर आए। कहीं लोग गलियों में भीगते हुए घूमते दिखे, कुछ चाय-नाश्ते की दुकानों पर नजर आए। मौसम सुहाना होने से लोगों के चेहरों पर रौनक लौट आई। मौसम विभाग ने बताया कि आगामी एक-दो दिन तक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों पर अनावश्यक घूमने से बचने की सलाह दी है।

तापमान में दर्ज हुई गिरावट
30 सितंबर को अधिकतम -31, न्यूनतम - 26
29 सितंबर को अधिकतम -33, न्यूनतम - 26
28 सितंबर को अधिकतम -34, न्यूनतम - 27
27 सितंबर को अधिकतम -36, न्यूनतम - 27

पानी में डूबी खेतों में कटी पड़ी धान की फसल
म्याऊं। बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। इस समय धान की फसल कटाई के लिए लगभग तैयार खड़ी है, ऐसे में अचानक हुई बारिश ने कई खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा दिया। म्याऊं निवासी आदित्य पाठक के खेत में लगभग 30 प्रतिशत धान की फसल गिर गई, वहीं स्थानीय किसान भुवनेश वर्मा के खेत में करीब 25 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में मौसम ऐसा ही बना रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। फिलहाल बारिश का दौर पूरी तरह थमा नहीं है, जिससे क्षेत्र के अन्नदाता असमंजस और सदमे की स्थिति में हैं। इसी तरह कादरचौक इलाके में भी खेतों में कटे पडे़ धान की फसल डूबने और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी बाजरा और धान की फसल बिछ जाने के कारण किसानों को दोहरा नुकसान पहुंचा है। आलू की अगैती फसल भी खराब हो गई है। इसके अलावा बिना पलेवा किए लाही बुवाई को भी नुकसान पहुंचा है।
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बारिश से फाल्ट, 77 गांवों की बिजली गुल
कादरचौक। बारिश के कारण कादरचौक विद्युत उपकेंद्र को उझानी से आने वाली 34 केवीए बिजली लाइन के ब्रेक डाउन में चली गई। इसके कारण उपकेंद्र से जुड़े 77 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है और बिजली से संचालित लघु उद्योग सहित घरेलू कार्य भी बाधित हो गए हैं।
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सड़कों पर घुटनों तक बहा पानी, फंसे कई वाहन
उझानी। बेमौसम मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन प्रभावित कर दिया। बारिश से नाले और नालियों में उफान आया तो सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। सबसे ज्यादा दिक्कत पंखा रोड इलाके में हुई। पंखा रोड पर भरे पानी के बीच होकर वाहन निकले तो चालकों को गड्ढों का भी पता नहीं लग पाया। ईंटों लदी ट्रैक्टर- ट्रॉली का एक पहिया नाले में जाते ही वह फंस गई। कमोबेश ऐसा ही नजारा स्टेशन रोड पर देखने को मिला। लिंक रोड मोड़ से रेलवे स्टेशन तक चालकों को वाहन निकालने में दिक्कत हुई।

नुकसान का कराएंगे सर्वे
-बारिश से फसलों कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी बारिश विभाग की ओर से सर्वे भी कराया जाएगा। हालांकि इस बारिश से खेत भीग गए हैं। ऐसे किसान अभी धान की कटाई न करें। कुछ दिन और इंतजार करें।
मनोज कुमार, उप निदेशक कृषि

उझानी में पंखा रोड पर भरे बारिश के पानी में होकर निकलते वाहन। संवाद

उझानी में पंखा रोड पर भरे बारिश के पानी में होकर निकलते वाहन। संवाद

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