बदायूं। लू के थपेड़ों से लोग बेहाल हो गए हैं। पिछले 15 दिन से तापमान लगातार बढ़ रहा है। इससे लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं। बाजार में दोपहर के समय सन्नाटा है। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक तेज धूप त्वचा को झुलसा रही है। लोग तरह-तरह के बचाव कर रहे हैं, लेकिन ज्यादा राहत नहीं मिल पा रही है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 47 डिग्री दर्ज किया गया और न्यूनतम 35 डिग्री दर्ज हुआ। सुबह 11 बजे के बाद से ही लू चलने लगी। जो लोग घरों से निकले उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले एक सप्ताह से तापमान 44 से 46 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। धूप से त्वचा झुलस रही है। भीषण गर्मी से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है।
जिला अस्पताल में पहुंचे 241 डायरिया मरीज
जिला अस्पताल में मलेरिया के साथ लू से भी पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1211 मरीज पहुंचे। इसमें 16 मरीज लू से पीड़ित थे, जिन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं 241 मरीज सिर दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार आदि समस्या के आए। डॉ. अलंकार सोलंकी ने बताया कि बच्चे और व्यस्क सभी गर्मी से बीमार हो रहे हैं। ऐसे मरीजों को नियमित ओआरएस घोल पीने की सलाह दी जा रही है। साथ ही धूप में न निकलने और ताजा और संतुलित खाना खाने के लिए कहा जा रहा है।
लू के प्रकोप से बचने के उपाय
कड़ी धूप यानी दोपहर 12 से तीन बजे के बीच बाहर जाने से बचें।
हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें।
धूप में निकलते समय अपना सिर ढकने के लिए कपड़ा, टोपी या छाते का उपयोग करें।
पर्याप्त और नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
सफर में अपने साथ पीने का पानी रखें।
लू के मौसम में बेल का जूस पीना बहुत लाभप्रद होता है। जूस को बर्फ के साथ न लें। जूस को फ्रीज में ठंडा करके पी सकते हैं लेकिन अलग से बर्फ मिलाकर न पीएं। ऐसे लोग जो हर रोज बाइक से 50 से 100 किलोमीटर चलकर डयूटी कर रहे हैं । उनको लू से बचाव के लिए रामबाण साबित होगा।- डॉ.राघवेंद्र मोहन, यूनानी एवं आयुर्वेद विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी
डॉ.राघवेंद्र मोहन।