बदायूं। नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले की सुनवाई अब 15 जनवरी 2026 को होगी। बता दें कि मंगलवार 25 नवंबर को होने वाली सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश पुष्पेंद्र चौधरी के निरीक्षण में व्यस्त होने के कारण आगे बढ़ाई गई है।
इससे पहले पिछली सुनवाई को टालते हुए कोर्ट ने इस मामले की अगली तारीख दी थी। इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीजन सुमन तिवारी के लंबे अवकाश पर जाने से जिला जज विवेक संगल ने इस मामले को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट पुष्पेंद्र चौधरी की कोर्ट में भेजा था। जिला जज के आदेश के बाद इस मामले से जुड़ी फाइलें कोर्ट में ट्रांसफर की गई थी।
नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन सुमन तिवारी की कोर्ट में चल रहा था। 17 जुलाई को न्यायाधीश के अवकाश पर होने से सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद मामले की सुनवाई के लिए 24 जुलाई तारीख लगाई गई। 24 जुलाई को कोर्ट पहुंचे वादी पक्ष के अधिवक्ताओं को जानकारी हुई कि इस कोर्ट की न्यायाधीश सुमन तिवारी लंबे अवकाश पर हैं।
इसके बाद जिला जज ने सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट पुष्पेंद्र चौधरी की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। कोर्ट पहुंचे वादी व अधिवक्ताओं को इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 अगस्त तारीख दी गई। इसके बाद 27 अक्तूबर और फिर 25 नवंबर की तारीख दी गई। मंगलवार को होने वाली सुनवाई न्यायाधीश की व्यस्तता के चलते टाल दी गई। अब यह सुनवाई अगले साल 15 जनवरी को होगी।
विदित हो अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल ने 2022 में दावा किया था कि जामा मस्जिद की जगह पर पहले नीलकंठ महादेव मंदिर था। मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इस दावे को खारिज करते हुए मंदिर के अस्तित्व से इंकार किया है।