अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ओर से जामा मस्जिद शम्सी की जगह नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका दायर की है। इसकी पोषणीयता पर सुनवाई चल रही है। इस मामले में अब तक छह अप्रैल को सुनवाई होगी।
बदायूं के नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद मामले में सुनवाई छह अप्रैल को होगी। शुक्रवार को होने वाली सुनवाई सिविल बार एसोसिएशन के कार्य से विरत रहने के कारण नहीं हो सकी। इस पर कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख दे दी है।
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अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल की ओर से सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में याचिका दायर की थी। इसमें जामा मस्जिद शम्सी की जगह नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया है। कोर्ट में अभी याचिका की पोषणीयता पर सुनवाई चल रही है। यह मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन-एफटीसी कोर्ट मनीष कुमार तृतीय की कोर्ट में विचाराधीन है।
नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव पक्ष की ओर से वादी पक्ष के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता वेदप्रकाश साहू ने बताया सिविल बार एसोसिएशन कार्य से विरत थी। जिसके चलते कोर्ट ने इस मामले में छह अप्रैल की तिथि तय की है।