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अस्पताल में 242 प्रकार की दवाएं उपलब्ध, सीएमएस ने कहा-वही लिखें

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ओपीडी में दवा स्टोर के बाहर लगी लाइन। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिला अस्पताल के डॉक्टर बाहर की महंगी और ब्रांडेड दवाएं नहीं लिखेंगे। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासन स्तर से जिला अस्पताल के सीएमएस को निर्देशित किया गया है कि अस्पताल में दवाओं की पूरी उपलब्धता रहे। रोगियों को किसी भी दशा में मेडिकल स्टोर से महंगी ब्रांडेड दवाएं न लिखी जाएं। अगर बाहर से दवा लिखने की जरूरत होती है तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली जेनरिक दवाएं ही लिखी जाएं।
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जिला अस्पताल के दवा स्टोर में इन दिनों विभिन्न बीमारियों की 242 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। आमतौर पर जिला अस्पताल आने वाले रोगियों को इन्हीं दवाओं की जरूरत होती है। जिला अस्पताल में सर्जन और कार्डियोलॉजिस्ट नहीं हैं, लेकिन आपात स्थिति में ऐसे मरीजों के लिए भी दवाओं की उपलब्धता है। इसके बाद भी कई डॉक्टर ओपीडी में आने वाले रोगियों को महंगी और ब्रांडेड दवाएं लिखते हैं। हालांकि, शासन स्तर से स्पष्ट कहा गया है कि अगर अस्पताल में कोई दवा उपलब्ध नहीं है और वह दवा बाहर से ही लिखनी है तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर सस्ते में मिलने वाली जेनरिक दवा या उसका साल्ट लिखा जाए।
इस संबंध में शासन स्तर से बार-बार निर्देश मिलने के बाद भी डॉक्टरों ने ब्रांडेड दवाएं लिखना बंद नहीं की हैं। ऐसे में शासन स्तर से अब सख्ती का संदेश दिया गया है। सीएमएस को निर्देशित किया गया है कि अगर कोई डॉक्टर महंगी और ब्रांडेड दवाएं लिखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीएमएस ने बताया कि शासन स्तर से दिशा निर्देश मिलने के बाद सभी डॉक्टरों और दवा स्टोर के स्टाफ को निर्देशित किया गया है। बाहर से दवाएं मंगाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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कहां मिलें सस्ती जेनरिक दवाएं, जब जन औषधि केंद्र ही बंद
शासन निर्देशित कर रहा है कि रोगियों को अस्पताल से ही दवाएं दी जाएं अगर जरूरी हो तो सस्ती जेनरिक दवाएं लिखी जाएं। वहीं दूसरी ओर गरीबों को सस्ती जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने को खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र ही बंद हो गए हैं। शहर में जिला और जिला महिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र सन 2019 में ही बंद हो गए थे। नेकपुर गली नंबर तीन में एक जन औषधि केंद्र चल रहा है, लेकिन इसके बारे में ज्यादा लोगों को पता ही नहीं। उझानी, बिसौली और सहसवान में भी जन औषधि केंद्र थे। इनमें उझानी का एक केंद्र ही चल रहा है।
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जन औषधि केंद्र पर हैं 131 प्रकार की जेनरिक दवाएं
नेकपुर गली नंबर तीन स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर 131 प्रकार की सस्ती जेनरिक दवाएं हैं, लेकिन यह केंद्र गांव मौजमपुर नेहनगर के नाम से है। शहर के लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं। यहां भले ही 131 प्रकार की दवाएं हैं, लेकिन इनका स्टॉक सीमित है। आसपास के लोग ही यहां दवा खरीदने पहुंचते हैं। संचालक राहुल पांडेय का कहना है कि उनके यहां जितनी दवाओं की बिक्री है उसी के हिसाब से वह दवाएं मंगाते हैं। अगर बिक्री बढ़ती है तो वह स्टॉक भी बढ़ाएंगे।
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जिला अस्पताल में 242 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रोगियों को मेडिकल स्टोर की महंगी दवाएं न लिखी जाएं। अस्पताल में ही उपलब्ध दवाएं मुहैया कराई जाएं। जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली जेनरिक दवाएं लिखी जा सकती है, लेकिन अस्पताल में जनऔषधि केंद्र बंद है।
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-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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