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मौसम में बदलाव के साथ गर्मी से राहत, पर अब वायरल ने पसारे पांव

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सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। लगातार भीषण गर्मी के बाद अब मौसम में बदलाव से राहत मिलने लगी है वहीं दूसरी ओर वायरल समेत अन्य बीमारियों का प्रकोप बढ़नेे लगा है। त्वचा संबंधी रोगों के साथ डायरिया भी लोगों को चपेट में ले रहा है। पेट संबंधी बीमारियों का लोग तेजी से शिकार हो रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में काफी भीड़ रही। करीब 900 नए पर्चे बने और चार सौ से ज्यादा पुराने रोगी ओपीडी पहुंचे। यहां बता दें कि आम दिनों में ऐसे पर्चों की संख्या 400-500 से अधिक नहीं रहती।
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मई के अंतिम सप्ताह से ही भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ था। मई के अंतिम सप्ताह से जून का दूसरा सप्ताह खत्म होने तक अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच रहा। इससे पहले मई में भी अधिकतम तापमान 47 डिग्री के पार पहुंच चुका था। इस दौरान न्यूनतम तापमान में भी असामान्य तरीके से इजाफा हुआ। न्यूनतम तापमान भी कई बार 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भीषण गर्मी के दौर के बाद अब मौसम फिर से बदला है। पिछले तीन दिन से बादल छाने के साथ मामूली बूंदाबांदी हो रही है। रविवार को सुबह भी बौछार हुई।
मौसम में आई तब्दीली अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। मौसम में बदलाव के बाद भीषण गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है। खासकर बच्चों और किशोरों को वायरल फीवर घेरने लगा है। बड़ों को पेट और त्वचा संबंधी बीमारियां चपेट में ले रही हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों से कई गुना ज्यादा रोगी पहुंचने से अव्यवस्थाएं पैदा हो गईं। कई डॉक्टरो के ओपीडी से नदारद होने के कारण रोगियों को इंतजार करना पड़ा, इससे उनको दिक्कत हुई।
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एंटी बायोटिक दवाओं की कमी से जूझ रहा अस्पताल
जिला अस्पताल इन दिनों एंटी बायोटिक दवाओं की कमी से जूझ रहा है। बदलते मौसम में लोग त्वचा रोगों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में त्वचा रोग संबंधी दवाओं की भी कमी बनी हुई है। सर्दी-खांसी की बात करें तो यहां खांसी में काम आने वाला कोई कफ सिरप नहीं है। बच्चों को भी गोलियां देकर काम चलाया जा रहा है। हालांकि, दवाओं के संबंध में यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को डिमांड भेजी गई है लेकिन यहां से सप्लाई मिलने का इंतजार है। डॉक्टर और दवाएं न मिलने के कारण कई बार रोगियें को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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ऐस करें बचाव
- नियमित अंतराल पर हाथ जरूर धोते रहें। बच्चों को भी इसकी आदत डलवाएं।
- खांसते या छींकते समय रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। हो सके तो मास्क का प्रयोग करें।
- इस मौसम में गरिष्ठ खाद्य पदार्थों का सेवन न करें बल्कि जल्दी पचने वाला आहार लें।
- हल्दी वाला दूध पीयें साथ ही मौसमी फल व सब्जियों का प्रयोग करें।
- ठंडे और खट्टे खाद्य पदार्थो का प्रयोग न करें।
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वायरल के लक्षण
- तेज बुखार
- गले में दर्द तथा खराश
- सिर समेत पूरे शरीर में दर्द
- सर्दी के साथ खांसी
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बदलते मौसम के कारण वायरल के साथ त्वचा और पेट संबंधी बीमारियों के रोगी बढ़े हैं। सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों ज्यादा रोगी ओपीडी पहुंच रहे हें। डायरिया का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। दवाओं की कोई कमी नहीं है। अगर कहीं पर कोई समस्या आ रही है तो उसे दूर कराया जाएगा।
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-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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