बिसौली। सरकार की लाख सख्ती के बाद भी चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ रहीं। संक्रामक रोगों के मौसम में सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों समेत स्टाफ की मनमानी जारी है। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने मंगलवार को आसफपुर सीएचसी पर छापा मारा तो यहां सीएचसी प्रभारी डॉ. शिवेंद्र यादव, दंत चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार भाटी समेत कई कर्मचारी और डॉक्टर नदारद मिले। दंत चिकित्सक की तो आगे के दिनों की उपस्थिति तक दर्ज थी।
सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों समेत स्टाफ लगातार मनमानी कर रहा है। ऐसे में लोगों को जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार तो इलाज में देरी में कारण गंभीर घायलों और बीमारों की जान तक चली जाती है। सरकारी अस्पतालों में बदइंतजामी रोकने को सरकार की सख्ती भी काम नहीं आ रही। पिछले वर्ष आसफपुर ब्लॉक के कई गांवों में मलेरिया, डेंगू और संक्रामक बुखार का प्रकोप रहा था। कई लोगों की जान भी चली गई। इसके बावजूद सीएचसी आसफपुर पर प्रभारी समेत अन्य की मनमानी जारी है।
मंगलवार को सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय के निरीक्षण में एक बार फिर बदइंतजामी सामने आ गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. शिवेंद्र यादव, दंत चिकित्सक डॉ. राजेश भाटी, बीएएम राजकुमार समेत कई चिकित्सक अनुपस्थित मिले। दंत चिकित्सक के बारे में पता लगा कि कई दिन से नहीं आए हैं, लेकिन उपस्थिति पंजिका में उनकी आठ जून तक की उपस्थिति दर्ज थी।
सीएचसी परिसर में काफी गंदगी भी मिली। सीएमओ ने अनुपस्थित मिलने वालों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ उनका वेतन काटने के निर्देश दिए।
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बसौली में तैनाती के समय भी विवादों में रहे डॉ. शिवेंद्र
सीएचसी बिसौली में तैनाती के समय भी डॉ. शिवेंद्र यादव का विवादों से नाता रहा है। वह यहां भी ड्यूटी से अक्सर नदारद रहते थे। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि वह निजी प्रैक्टिस करते हैं।
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आसफपुर सीएचसी के निरीक्षण में चिकित्सा प्रभारी और दंत चिकित्सक समेत कई गैरहाजिर मिले हैं। दंत चिकित्सक की आठ जून तक उपस्थिति दर्ज थी। सभी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। चिकित्सा प्रभारी के विषय में मालूम हुआ है कि वह कोर्ट एवीडेंस में बरेली गए थे। स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ