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मच्छरों पर शोध के लिए बदायूं में बनेगी प्रदेश स्तर की प्रयोगशाला

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बदायूं। मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लिहाज से हाईरिस्क बदायूं में मच्छरों की प्रजातियों, रोग फैलाने वाले विषाणुओं और रोगों पर शोध के लिए प्रदेश स्तर की प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब के लिए उत्तर प्रदेश में बदायूं और कुशीनगर जिले चयनित किए गए हैं। लैब स्थापना के लिए जिला अस्पताल परिसर में भवन चिह्ति किया जा रहा है। महिला अस्पताल परिसर में भी भवन देखा गया है।
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मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बदायूं हाईरिस्क श्रेणी में है। 2019 में यहां मलेरिया के 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। इसके बाद 2020 में भी 11 हजार से ज्यादा मलेरिया रोगी मिले। बदायूं में जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया और डेंगू का भी व्यापक प्रकोप रहता है। कई बार जांच में यह पता नहीं लग पाता कि मच्छर प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर रहे हैं। लार्वा और मच्छरनाशक दवाओं के छिड़काव के बाद भी मलेरिया बेकाबू हो जाता है। उच्च स्तर की लैब न होने के कारण मलेरिया प्रभावित जिलों में मच्छरों, रोग और रोगी पर शोध भी नहीं हो पाता।
मच्छरों, रोग और रोगियों पर शोध के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन बदायूं में इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब की स्थापना करेगा। प्रदेश में बदायूं के अलावा एक लैब कुशीनगर में स्थापित की जाएगी। लैब संचालन केयर इंडिया संस्था की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो वर्ष तक किया जाएगा। इसके बाद लैब स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दी जाएगी। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि लैब स्थापना का काम जल्द शुरू हो जाएगा।
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एक एंटोमोलॉजिस्ट, चार इंसेक्ट कलेक्टर की होगी तैनाती
लैब में एक कीट विज्ञानी (एंटोमोलॉजिस्ट) और मच्छरों के सैंपल लेने के लिए चार इंसेक्ट कलेक्टर की तैनाती होगी। गौर करने वाली बात यह है कि मच्छरजनित बीमारियों के रिहाज से हाईरिस्क बदायूं में इनकी तैनाती नहीं है। बरेली मंडल में भी कोई एंटोमोलॉजिस्ट नहीं है। जिस क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया समेत मच्छर जनित बीमारी के मरीज मिलते हैं, वहां मलेरिया कार्यालय की टीमें लार्वा सर्वे समेत कीटनाशक का छिड़काव करती हैं। इंसेक्ट कलेक्टर अगले दिन वहां जाकर मच्छरों के सैंपल लेते हैं, ताकि यह पता चले कि कार्रवाई की गई है या नहीं। जिले में मच्छरों की जांच, शोध, रोग और रोगियों की जांच और शोध की सुविधा भी इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब में मिलेगी।
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बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से बदायूं में इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब की स्थापना की जा रही है। इसके लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। लैब का संचालन दो वर्ष तक केयर इंडिया संस्था की ओर से किया जाएगा। लैब स्थापना के बाद बदायूं में मच्छरों, मच्छरजनित बीमारियों पर शोध हो सकेगा। प्रदेश में बदायूं और कुशीनगर में ये लैब स्थापित की जा रही हैं।
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-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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