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चढ़ता पारा, बढ़ते मरीज पर यहां तो दवाएं ही नहीं

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जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। गर्मी का प्रकोप चरम पर है। पारा नीचे आने का नाम नहीं ले रहा। उमस और लू के थपेड़े लोगों को परेशान करने के साथ बीमार भी कर रहे हैं। गर्मी के बीच इन दिनों जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम, डायरिया के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। लू लगने के कारण बुखार के रोगी भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके विपरीत अस्पताल में कई तरह की दवाओं की कमी है।
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पिछले कई दिनों से गर्मी का प्रकोप कम नहीं हो रहा। कुछ दिन आंधी और बूंदाबांदी के बाद राहत मिली थी, लेकिन अब हालात फिर से बेहद खराब हो गए हैं। तापमान 45-46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। फिलहाल राहत की उम्मीद भी नहीं है। ऐसे में बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
भीषण गर्मी में पसीना अधिक बहना, पानी का कम पीना और दूषित भोजन करना सेहत पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 80-90 उल्टी और दस्त के रोगी पहुंच रहे हैं। इन रोगियों में बच्चों की संख्या अधिक है। जिला महिला अस्पताल में भी दो बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वहां भी काफी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भी यही हाल रहा।
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फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ी, औसतन सौ रोगी रोज
फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीपाल का कहना है कि ओपीडी में इन दिनों कई बार फंगल इंफेक्शन और त्वचा संबंधी समस्या का शिकार औसतन सौ रोगी तक रोजाना आ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि बीमारियों के इस मौसम में दवाओं की कमी भी सामने आ रही है। पर्याप्त दवाएं न होने के कारण मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। अस्पताल में खासकर फंगल इंफेक्शन, एलर्जी में काम आने वाली दवाएं और सिरप, सांस-अस्थमा संबंधी बीमारियों में काम आने वाली दवाओं की कमी है।
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उल्टी-दस्त और सर्दी-जुकाम के ज्यादा रोगी
इन दिनों तापमान 45-46 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आ रहा है। भीषण गर्मी के बीच तेज धूप से आने के बाद शीतल जल पीने के कारण सर्दी-जुकाम की गिरफ्त में आ रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजकमल किशोर का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच खान-पान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खान-पान खराब होने के कारण ही लोग उल्टी-दस्त और डायरिया का शिकार हो रहे हैं। बच्चों के लिए इन दिनों ज्यादा बीमारियां घेर रही हैं।
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ओपीडी में आने वालों की शुरू हुई कोरोना जांच
जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की कोरोना जांच शुरू करा दी गई है। दरअसल, इस मौसम में सर्दी-जुकाम और खांसी के साथ बुखार के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अमूमन इसी तरह के लक्षण कोरोना संक्रमण में भी दिखते हैं। ऐसे में जिला अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी में कोरोना जांच के लिए अलग से काउंटर स्थापित किया है। यहां शुक्रवार दोपहर तक 48 लोगों की जांच की गई। इनमें बच्चे भी शामिल हैं।
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सीएमएस की बात
भीषण गर्मी के कारण पेट, त्वचा, सर्दी-जुकाम आदि के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। दवाओं की कोई खास कमी नहीं है, लेकिन जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी जरूर है। गर्मियों के सीजन और बदलते मौसम में सावधानी जरूरी होती है। इन दिनों पेट संबंधी बीमारियों के रोगी ज्यादा आ रहे हैं। पेट खराब होने के दो बड़े कारण हैं, पहला दूषित या बासी भोजन करना और दूसरा कम पानी पीना है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और के लिए शासन को लिखा जा चुका है। दवाओं की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
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-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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