दातागंज। समरेर स्थित राजकीय आश्रम पद्धति आवासीय बालिका विद्यालय में विषाक्त भोजन खाने से 30 छात्राओं के बीमार होने के मामले में लीपापोती की जा रही है। छात्राओं को भोजन मुहैया कराने वाली अलीगढ़ की संस्था द्वारिका प्रसाद समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआईआर को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
शनिवार दो अप्रैल की रात विषाक्त भोजन खाने से आवासीय विद्यालय में 30 छात्राएं बीमार हो गईं थीं। इनमें 28 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले में कार्रवाई के नाम पर अवकाश पर होने के बाद भी वार्डन संध्या कश्यप को निलंबित कर दिया गया। फार्मासिस्ट यशोधरा वर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजपाल की संविदा जरूर समाप्त की गई। रविवार को खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन की टीम को रसोई में पैकेट बंद ब्रांडेड खाने-पीने का सामान मिला था। रातों-रात पैकेट बंद सामान किसने पहुंचाया यह भी अब तक साफ नहीं हो सका है।
छह अप्रैल को जब एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार ने विद्यालय का दौरा किया और पूरे मामले पर नाराजगी जताई तो इसके बाद आठ अप्रैल को समाज कल्याण अधिकारी की ओर से भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। गौर करने वाली बात यह है कि अब तक स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ लीपापोती की गई है।
-
मामले में जांच चल रही है। संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के साथ भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में जो भी दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-रामजनम, जिला समाज कल्याण अधिकारी