बिसौली। जिले में कोरोना और मलेरिया के प्रकोप के बीच निजी डॉक्टर प्लेटलेट्स के आधार पर बुखार पीड़ितों को डेंगू बताने लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था न होने से लोगों को ज्यादा रुपये खर्च कर निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। बिसौली तहसील के कस्बा वजीरगंज, सैदपुर समेत कई गांवों के बुखार पीड़ित पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर निजी अस्पतालों में डेंगू का इलाज करा रहे हैं। निजी डॉक्टर इलाज के बदले लंबा-चौड़ा बिल बना रहे हैं।
बिसौली तहसील के कई गांवों में इन दिनों बुखार का प्रकोप है। काफी संख्या में लोग मलेरिया से भी पीड़ित हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा बेहतर न होने से लोग निजी पैथालॉजी में जांच करा रहे हैं। यहां उनको डेंगू बताया जा रहा है। ऐसे में लोग खौफ में हैं। क्षेत्र के गांव हतरा निवासी मधुकर सक्सेना, बीना सक्सेना, पुष्पेंद्र शर्मा, सुरेंद्र शर्मा को कई दिन से बुखार आ रहा था। वजीरगंज की एक निजी पैथालॉजी में जांच कराई तो प्लेटलेट्स कम निकलीं। डॉक्टर ने इनको डेंगू घोषित कर दिया। ऐसा ही सिरंदाजपुर के तैयब और समीम बेगम के साथ हुआ। सैदपुर के नविल और सगीर ने कस्बे में ही जांच कराई। इनकी भी प्लेटलेट्स कम निकलीं। अब यह लोग निजी डॉक्टरों के यहां डेंगू का इलाज करा रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि तहसील के गांवों और कस्बे में जिन लोगों को डेंगू घोषित किया गया है, उन सभी ने निजी लैब में ही जांच कराई है और निजी अस्पतालों में ही इलाज भी करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब तक जिले में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।