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निजी चिकित्सालय के यहां गर्भवती महिलाओं को ले जाने वाली आशा, एएनएम पर होगी एफआईआर

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बदायूूं। कलक्ट्रेट में डीएम कुमार प्रशांत ने सीडीओ निशा अनंत, सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के साथ में बैठक की। उन्होंने मातृ मृत्युदर की समीक्षा के साथ-साथ जिला स्वास्थ्य समिति व प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की भी बैठक ली। वहीं, लापरवाही मिलने पर सहसवान और कादरचौक के एमओआईसी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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शनिवार को आयोजित बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि डिलीवरी के लिए ज्यादा से ज्यादा सब सेंटर एक्टिव किए जाएं। पिछली बैठक में डीएम ने निर्देश दिए थे सब सेंटर चलाने के लिए आशाओं और एएनएम के साथ एमओआईसी बैठक करें जिस पर एमओआईसी की लापरवाही सामने आई है। डीएम ने इनको चेतावनी देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आरसीएच पोर्टल पर डाटा एंट्री ऑपरेटर नीरज द्वारा लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने डाटा एंट्री ऑपरेटर को बाहर करने के निर्देश दिए हैं। मातृ मृत्यु दर में सबसे ज्यादा खराब स्थिति सहसवान और कादरचौक की पाई गई है। इस पर डीएम ने एमओआईसी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही एडीएम प्रशासन, एसीएमओ व डॉ. शोभा अग्रवाल की टीम गठित की है जो मातृ-मृत्यु दर का ऑडिट करेगी। वहीं डीएम ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना में डिलीवरी केस के संख्या बढ़ाएं, आशाओं का भुगतान भी समय से किया जाए। जो आशाएं, एएनएम गर्भवती महिलाओं को निजी चिकित्सालयों में ले जा रही हैं, उन्हें चिह्नित कर उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। डीएम ने कहा कि बीमारियों का गंभीर समय चल रहा है, ऐसे में कोई भी चिकित्सक बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
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