डाकघर खुलने के बावजूद कई लोग मायूस होकर लौटे
लेनदेन और रजिस्ट्री करने के लिए भी भटकते रहे लोग
हेड पोस्टआफिस के अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को दफ्तर से गायब रहे। इससे कामकाज का दिन होने के बावजूद डाकघर में अवकाश जैसा माहौल रहा। इस दौरान डाकघर में लेनदेन और रजिस्ट्री करने आने वाले लोग परेशान रहे। कई लोगों को तो बिना काम के बैरंग लौटना पड़ा। बात करने पर कुछ डाक कर्मियों ने कहा कि सोमवार को अवकाश होना चाहिए था, लेकिन अवकाश घोषित नहीं किया गया। ऐसे में कई कर्मचारी तो दफ्तर ही नहीं आए। इससे काम प्रभावित हुआ।
महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से अवकाश था। इसके बाद रविवार को भी छुट्टी रही। सोमवार को डाक विभाग का अवकाश नहीं था। डाकघर खुला पर यहां आने वाले लोगों का काम नहीं हो सका। यहां आने वाले लोगों से बुधवार को आने को कह दिया गया। इस पर कुछ ग्राहकों ने नाराजगी भी जताई। मनमाने ढंग से काम होने की वजह से कई लोग लेन-देन नहीं कर सके और कई लोगों को बिना रजिस्ट्री किए ही बैरंग लौटना पड़ा।
इधर सिटी पोस्ट ऑफिस में भी काम प्रभावित रहा। यहां पंकज नाम के एक क्लर्क के तारीख पर जाने की वजह से काम नहीं हो सका।
-------
क्या कहा लोगों ने
करीब दो घंटे हो चुके हैं। काउंटर खाली है। रजिस्ट्री करनी है, बताया गया है कि संबंधित कर्मचारी अभी आए नहीं हैं। ऐसे में रजिस्ट्री बुधवार को हो सकेगी।
-शनि वर्मा
-------
घंटों खड़े रहने के बाद भी आरडी के रुपये जमा नहीं हो सके। बुधवार को आने के लिए कहा गया है। पूछने पर बताया गया कि कैशियर आया नहीं है।
-रिफाकत उल्ला
-------
डाक विभाग की अपनी एक अलग छवि है। अगर इस तरह से काम होगा तो विभाग की छवि पर बुरा असर होगा। इसका आने वाले दिनों में नुकसान होगा।
-डॉ. वीपी मिश्र
-------
कई बार डाक विभाग की लापरवाही के चलते रजिस्ट्री में देरी हो जाती है। इससे उन युवाओं का नुकसान होता है जो किसी विभाग में नौकरी को आवेदन करते हैं।
-आयुष गौर
--
डाकघर दो दिन के अवकाश के बाद खुले थे। इसके साथ स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर भी व्यस्तता रही। आने वाले लोगों के सभी काम निपटाए गए हैं। हो सकता है कि व्यस्तता की वजह से कुछ लोगों को लौटना पड़ा हो।
-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक