बदायूं। फैजगंज बेहटा थाने के ही हेड मोहर्रिर ने अपने थानाध्यक्ष पर 35 ग्राम सोना कम कोर्ट में जमा करने का आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की तो महकमे में हड़कंप मच गया। आरोप है कि एसओ ने उसे धमकाया और उनके हिसाब से काम करने की नसीहत भी दी। आखिर हेड मोहर्रिर ने इस तरह का आरोप क्यों लगाया, इसकी गहनता से जांच एसपी ग्रामीण को एसएसपी ने सौंपी हैं।
मामला फैजगंज बेहटा थाने का है। क्षेत्र के गांव ओरछी निवासी टीना किन्नर के घर करीब सवा करोड़ रुपये की डकैती बदमाशों ने की थी, जिसमें 35 लाख रुपये व 700 ग्राम से अधिक सोने के जेवर लूटकर ले गए थे। पुलिस ने मामला चोरी में दर्ज कर लिया था, लेकिन एक सप्ताह में ही पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया और कुल नौ बदमाशों को दबोच लिया।
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से 700 ग्राम सोने के आभूषण, दो किलो चांदी के आभूषण, 8.35 लाख रुपये की नकदी बरामद की थी। जिसका खुलासा एसएसपी ने पुलिस लाइन सभागार में किया था।
इस मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब मंगलवार को थाने के ही हेड मोहर्रिर राकेश यादव एसएसपी के पास पहुंच गए और उन्होंने थानाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोर्ट में 35 ग्राम सोना कम जमा किया गया। उसके हस्ताक्षर से सोना जमा हुआ है। अगर मामला खुला तो उसकी नौकरी चली जाएगी। इसके बाद एसएसपी ने पूरे मामले की छानबीन की तो जितना सोना बदमाशों से बरामद किया गया उतना ही कोर्ट में जमा होना पाया गया। इसके बाद हेडमाेहर्रिर को समझाकर भेज दिया था। अब इस मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी गई है।
डकैती में बदला गया मुकदमा
पुलिस ने पहले मामले को फर्जी बताकर चोरी में मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन जब मामले का खुलासा हुआ तो सब चौक गए। पुलिस ने 700 ग्राम सोने की बरामदगी व 8.35 लाख रुपये की रिकवरी के साथ ही नौ बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बरामद माल व रुपये कोर्ट में जमा करने के बाद बदमाशों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। पुलिस ने अब चोरी का मामला डकैती में दर्ज किया है।
मौके से बरामद पूरा सोना कोर्ट में जमा करा दिया गया है। हेड मोहर्रिर को इसमें कुछ संशय था। इस कारण वह शिकायत लेकर आए थे। फिर इस मामले की जांच एसपी ग्रामीण ह्देश कठेरिया को सौंप दी गई है। अगर कुछ गड़बड़ी मिली तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अभी इस मामले के तीन बदमाश फरार चल रहे हैं। उनसे बची हुई धनराशि व कुछ सोना और बरामद होने की संभावना है। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी