बदायूं/बिसौली/फैजगंज बेहटा। कई दिनों से बिगड़े मौसम के बीच बुधवार सुबह करीब 11 घंटेभर चली तेज हवा और बारिश से पेड़ गिरने व दीवार ढहने से बिसौली तहसील क्षेत्र में पांच लोगों की मौत हो गई। सबसे दर्दनाक यह रहा कि चार लोगों ने आंधी-बारिश से बचने के लिए जिन कोठरी और छप्पर में पनाह ली, उन्हीं के ढहने से दबकर मौत हो गई।
गांव सिद्धपुर कैथोली की मढ़ैया निवासी कल्लो देवी अपनी बेटी नेहा के साथ गांव से बाहर बटिया से उपले लेने गई थीं। उनके साथ गांव के ही शेर सिंह की नौ वर्षीय बेटी रजनी और सुनील की बेटी मौसमी भी थी। अचानक चली तेज हवा और बादलों की गरज से डरकर वे सब एक छप्पर में छिप गए। कुछ ही देर बाद छप्पर की दीवार ढह गई। चारों मलबे के नीचे दब गईं। कल्लो देवी और नेहा का आधा शरीर ही दबा था, इसलिए वे आसानी से बाहर निकल आईं। रजनी और मौसमी मलबे में बुरी तरह दब गईं। नेहा ने गांव से लोगों को बुलाया और ग्रामीणों के प्रयास से बाहर निकाला गया। तब तक रजनी ने दम तोड़ दिया था। मौसमी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव तरक परौली में मैंथा के खेत में काम कर रहे लोग आंधी आने पर पास के नलकूप की कोठरी में चले गए। कुछ ही देर बाद नजदीक का एक पेड़ जड़ से उखड़कर कोठरी पर गिर गया, जिससे कोठरी ढह गई। इसमें दबकर लक्ष्मी पत्नी अमर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। साथ में गांव के कोटेदार की पत्नी घायल हो गई।
इधर, बुधवार को डंपर चालक योगेश निवासी नगला भोपत, थाना अनूपशहर जिला बुलंदशहर बजरी लेकर बिल्सी की ओर जा रहे थे। जैसे ही डंपर सोत के पुल निर्माण के लिए अलग से बनाए रास्ते पर पहुंचा, तभी यूकेलिप्टस का पेड़ डंपर पर गिर गया। इससे योगेश की मौके पर ही उसकी मौत हो गई। गांव फतेहपुर में पशुशाला पर नीम का पेड़ गिरने से रामश्री पत्नी छत्रपाल की दबकर मौत हो गई।
वहीं, बिसौली थाना क्षेत्र के गुलाबबाग निवासी छुट्टन शर्मा का बेटा अंशुल मंगलवार शाम पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई।