मेंथा फैक्टरी से मलबा हटाती पोकलैंड मशीन। संवाद
उझानी। मेंथा फैक्टरी से मलबा हटाने का काम बार-बार बाधित हो रहा है। चार दिन से काम में जुटे गाजियाबाद के ठेकेदार ने तय रेट का भुगतान न मिलने का आरोप लगाते हुए मलबा हटाने से इंकार कर दिया। शनिवार सुबह वह मजदूरों के साथ गाजियाबाद लौट गए। इसके बाद कासगंज और बदायूं के कबाड़ियों को मलबा हटाने का ठेका दिया गया है।
कासगंज और बदायूं निवासी ठेकेदार ने फैक्टरी परिसर से मलबा हटाने के काम में पहले दिन महज आठ मजदूरों को लगाया। अगले दिन मजूदरों की संख्या बढ़ाए जाने की उम्मीद है। ठेकेदार का पार्टनर राजा ने बताया कि पोकलैंड मशीन और क्रेन के जरिये मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। इससे पहले शुक्रवार शाम करीब पांच बजे तक गाजियाबाद निवासी ठेकेदार अफजाल अल्वी ने फैक्टरी मालिक से बातचीत के बाद अपने मजदूरों को काम पर से हटा लिया। अल्वी का कहना है कि मलबा काटने के लिए जो रेट तय हुआ था, उसके अनुरूप भुगतान नहीं किया गया। मलबा में कर्मचारी मुनेंद्र यादव के शव की तलाश में जुटे उनके परिजन और रिश्तेदार भी फैक्टरी परिसर में डटे हुए हैं। उनके रिश्तेदार जितेंद्र ने बताया कि मलबा हटाने का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कभी कोई मशीन खराब हो जाती है तो कभी मालिक-ठेकेदार के बीच रेट को लेकर तकरार हो जाती है।
एडीएम और एसडीएम ने की ठेकेदार से बात
- गाजियाबाद की टीम के लौटने की जानकारी मिलने पर एडीएम अरुण कुमार और एसडीएम सदर मोहित कुमार शनिवार दोपहर करीब दो बजे फैक्टरी परिसर में पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार से जानकारी ली। ठेकेदार ने बताया कि तय रेट न मिलने से वह काम नहीं करवा पाएगा।
मुनेंद्र के घर पहुंचे भाकियू नेता
मुजरिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता शनिवार दोपहर बिचोला गांव में मुनेंद्र यादव के घर पहुंचे। मंडल अध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा की मुनेंद्र की मौत फैक्टरी में जिंदा जल जाने से हुई है। इसके बाद भी फैक्टरी मालिक और प्रशासन उनके शव की खोजबीन करने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। फैक्टरी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। कार्रवाई नहीं होने पर वह आंदोलन करेंगे। इस मौके पर अर्जुन सिंह, पप्पू सैफी, मोहम्मद फैयाज अहमद, कृष्णपाल, भूराम सिंह, हरचरण लाल, भूरे सिंह आदि थे।