स्कूल में शिफ्ट किए जाएंगे तीन गांवों के लोग
उसहैत में गंगा की बाढ़ को देखते हुए क्षेत्र के गांव जटा, प्रेमी नगला और ठकुरी नगला को खाली कराने की तैयारी है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता राधेश्याम ने बताया है कि इन गांवों के करीब डेढ़ हजार लोग हैं। इनको शिंभू नगला के प्राथमिक स्कूल सहित अन्य जगहों में शिफ्ट कराने की व्यवस्था की जा रही है।
मंगलवार को नहीं भी शुरू हो सका कंट्रोल रूम
डीएम अवनीश राय ने सोमवार को उसहैत का दौरा कर बाढ़ के लिए बाढ़ खंड के अलावा कलक्ट्रेट में भी तीन फोन नंबरों का कंट्रोल रूम बनाने के आदेश दिए थे, जो मंगलवार पांच बजे तक सक्रिय नहीं हो सके। इन नंबरों पर बताया गया कि बाढ़ खंड से चिट्ठी आने पर इन्हें सक्रिय किया जाएगा। इन नंबरों पर फोन उठाने वालों ने अपना नाम भी नहीं बताया। कहा कि उनको नाम न बताने का आदेश हैं। इधर, बाढ़ खंड का कंट्रोल रूम बेहद बिजी जाता रहा। इसलिए उस पर भी कोई बात नहीं हुई।
बदायूं में गंगा का जलस्तर
- गंगा में खतरे का निशान 162.44 मीटर
- कछला पर जल स्तर- 162.46 मीटर
- नरौरा डैम का डिस्चार्ज- 1,44,810 क्यूसेक
- बिजनौर डैम का डिस्चार्ज- 1,74,339 क्यूसेक
रामगंगा में भी बढ़ रहा है जलस्तर
दातागंज इलाके में रामगंगा में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। हजरतपुर पुल से करीब एक किमी दूर लालपुर रोड पर पानी पहुंच गया है, हालांकि इससे अभी आवागमन पर कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन पानी और बढ़ा तो रोड पर पानी आ सकता है। हर्रामपुर के पास रामगंगा का पानी बह रहा है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
उत्तराखंड में हो रही बारिश की वजह से रामगंगा और गंगा नदी में पानी बढ़ रहा है। प्रशासन ने बाढ़ की संभावना के चलते एडवाइजरी जारी की है। लोगों से जरूरी दवाएं और खानपान की सामग्री सुरक्षित करने की अपील की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा ने बाढ़ नियंत्रण टीम से कहा कि ऊंचे स्थानों को पहले से ही चिन्हित कर लिया जाए और लोगों को वहां शिफ्ट किया जाय। ग्रामीणों से कहा कि जरूरी कागज जैसे, राशन कार्ड, पासबुक, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड इत्यादि को वॉटरप्रूफ बैग में इकट्ठा रखें।
आवश्यकतानुसार खाद्य सामग्री जैसे बिस्कुट, लाई, भुना चना, गुड़, चूड़ा, नमक, चीनी, सत्तू इत्यादि एकत्र करें। बीमारी से बचाव के लिए क्लोरीन, ओआरएस, व आवश्यक दवाईयां, प्राथमिक उपचार किट में रखें। सूखे अनाज व मवेशियों के चारे को किसी ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रखें।
बाल्टी, छाता, तिरपाल, रस्सी, हवा से भरी ट्यूब, मोबाइल व चार्जर, बैटरी चलित रेडियो, टॉर्च, इमरजेंसी लाइट, माचिस इत्यादि पहले से तैयार रखें। पशुओं में होने वाली बीमारी की रोकथाम को पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्धों, दिव्यांगजनों व बीमार व्यक्तियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पंहुचाएं। र छोड़ने से पहले बिजली का मुख्य स्विच व गैस रेगुलेटर सिलेंडर को बंद करें, शौचालय सीट को बालू से भरी बोरी से भरें। गर्भवती महिलाओं का आशा एवं एएनएम की मदद से सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था करें।