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पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई

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कछला गंगाघाट पर आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। होली से एक दिन पहले पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार सुबह से ही कछला गंगाघाट आस्था से सराबोर रहा। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के बाद घाट पर पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुतियां अर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान भी कराए।
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गंगाघाट पर तड़के से ही स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। निजी वाहनों, रोडवेज बसों और ट्रेन के जरिये घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं की वजह से गुलजार गंगाघाट पर गंगा मइया के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया। ईष्टदेव भी पूजे गए। संतों और ब्राह्मणों को दक्षिणा भेंट कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद पाया। सर्वाधिक भीड़ कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर नजर आई। आसपास इलाके के श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे आश्रमों में संतों की देखरेख में धार्मिक अनुष्ठान कराए। सुख और शांति के लिए हवन में आहुतियां अर्पित की गईं।
संतों में बाबा हरीओम दास शास्त्री ने बताया कि गंगा स्नान के बाद पूजा-अर्चना का खास महत्व है। ऐसा करने से कई गुना अधिक पुण्य अर्जित होता है। उधर, गंगाघाट पर मेले में बच्चों ने छोले, पूड़ी-सब्जी और जलेबी का लुत्फ उठाया।
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कुष्ठ आश्रम पहुंचकर कराया भोजन
कछला में गंगाघाट के दोनों छोर पर कुष्ठ आश्रम बने हैं। दोनों आश्रमों में करीब डेढ़ सौ कुष्ठ व्यक्ति, महिलाएं और बच्चे रहते हैं। श्रद्धालुओं में कुछ लोग भोजन के पैकेट लेकर पूर्वाह्न कुष्ठ आश्रमों में पहुंचे। उन्होंने कुष्ठ व्यक्तियों को उनके परिवार समेत भोजन कराया। इसके अलावा कई श्रद्धालुओं ने आटा, चावल, दाल आदि भी भेंट की। इससे पहले गंगाघाट पर कन्याओं को भी भोज कराया गया। उन्हें दक्षिणा दी गई। संवाद
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