बदायूं। पहाड़ पर हुई बारिश से मैदानी इलाकों में गंगा उफनाई हुई है। जिले में चार दिनों गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इससे दातागंज और सहसवान के 17 गांवों में पानी भर गया है। खेती चौपट हो गई है। ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया है। इससे इन गांवों के करीब 15 लोग प्रभावित है। घरों में पानी भरने के बाद कई ग्रामीणों ने सड़क किनारे ठिकाना बनाया है। अब उनके सामने खाने का संकट है। कुछ ग्रामीणों को स्कूलों में बनाए गए शरणस्थली में रखा गया है। प्रशासन की ओर से उनको खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है।
दातागंज के बेहटी गांव में पानी भर गया है। गांव के लोग बैलगाड़ी में घर का सामान लादकर बाहर गए हैं। ग्रामीण राज स्वरूप ने बताया कि घर में पानी भर गया है। घर में रखी खाद्य सामग्री भीग गई है। जानवरों के खाने का सारा सामान बह गया है। एक दो दिन गांव में और रुकते तो कोई भी घटना हो सकती है। प्रशासन की ओर से सरसों का तेल, आटा, चावल, नमक और चीनी दी गई है। बताया कि पत्नी, बहू, बेटे और भाई को लेकर वह उसहैत बांध के पास अस्थाई रूप से झोपड़ी बनाकर रहेंगे। इसी गांव के मेघनाथ ने बताया कि गांव में लगातार पानी बढ़ता जा रहा है। जानवरों के लिए रखा भूसा बह गया है। दिनोंदिन परेशानी बढ़ती जा रही है।
कमले नगला गांव के खेतों में पानी पहुंच गया। गांव की आबादी और खेतों के बीच संपर्क खत्म हो गया है। किसान राजेंद्र कुमार, भगवान सिंह, दौलतराम ने बताया कि खेतों में हरी सब्जी बोई थी। वह पूरी तरह से डूब गई है। इसी तरह ठकुरी नगला और जटा गांव में भी खेतों तक पानी पहुंच गया है।
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घर में भरा पानी, छतों पर रुके ग्रामीण
जटा गांव के अंदर जाने के लिए मोटरबोट लगाई है। बृहस्पतिवार को प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को गांव खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई खाली करने तैयार नहीं था। वह घरों में छतों पर रुके हैं और इंतजार कर रहे हैं कि पानी कम हो जाय। इन गांवों के लोगों में भी खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। जटा गांव के लोगों के लिए सिंभू नगला के प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था की गई है।
गांव में तीन फीट तक पानी भर गया
सहसवान के तौफिया नगला में बृहस्पतिवार सुबह से ही पानी भरना शुरू हो गया। दोपहर तक तीन फीट पानी भर गया था। यहां के लोगों के लिए औरंगाबाद टप्पा जामिनी के प्राथमिक विद्यालय में रुकने की व्यवस्था की गई है। कुछ लोग गए, लेकिन अधिकतर छतों पर रुके हुए हैं। ऐसे हालात मेंं गांव में बिजली काट दी गई है। ग्रामीणों के मोबाइल बंद हो गए हैं। ग्रामीणों का संपर्क टूट गया है।
तोफिया नगल पुल पर आवागमन बंद
कोतल नगला और तोफिया नगला के बीच बनी पुलिया पर पानी आ गया है। इन गांवों में चार से पांच फीट तक पानी भरा है। इससे रास्ते कट गए हैं। अब तोफिया नगला पुल पर आवागमन बंद हो गया है। इस वजह से गांव के लोगों पुल व उसके आसपास टेंट बनाकर रहने लगे हैं। यहां के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
इन गांवों में भर गया है पानी
बेहटी, तोफिया नगला, ठकुरी नगला, जटा, कोतल नगला, कमले नगला, भमरौलिया, वीर सहाय नगला, खागी नगला, रैपुरा, वीरसराय नगला, कदम नगला, कमलईयापुर, दलपत नगला, जसवंत नगला, प्रेमी नगला, सिथौली खाम गांवों में पानी भरा हुआ है।
प्रशासन के इंतजाम
बाढ़ खंड के अवर अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिन गांवों में पानी भर रहा है। वहां के लोगों के लिए प्राथमिक विद्यालयों और पंचायत भवनों में रहने की व्यवस्था की गई है। इन लोगों के लिए खाने का भी इंतजाम किया गया है।
बाढ़ चौकियां तक पहुंचना हुआ मुश्किल
दातागंज। दातागंज से भेड़ा के बीच दियोरी गांव में इन दिनों अधिकारियों की चहल-पहल बढ़ गई है। गांव के पास करीब 200 मीटर सड़क पर पानी भरा है। भेड़ा गांव को जाने वाला मार्ग जलभराव के कारण लोगों से लेकर अधिकारियों तक को आवाजाही में परेशानी हो रही है। इसी रास्ते में बाढ़ चौकी भी बनाई गई है। बरसात का पानी गांव से निकलकर तालाब में जाता था, लेकिन गलत तरीके से गांव में नाले बना दिए जाने के कारण जलभराव हो गया है।
रामगंगा का पानी गढि़यारंगीन मार्ग पर पहुंचा
दातागंज। शाहजहांपुर के गढि़यारंगीन को जोड़ने वाले मार्ग पर बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे रामगंगा का पानी पहुंच गया। इसके चलते आधा किमी मार्ग डूब गया है। इससे आवागमन प्रभावित हो गया है। दातागंज से वाया नगरिया खनू, गढि़या रंगीन को जाने वाले इस मार्गं पर छोटे वाहनों का संचालन होता है। खतरा के बीच कुछ बाइक सवार इससे निकल रहे हैं। इस इलाके में पिछले वर्षों में भी राम गंगा अपना रौद्र रूप दिखा चुकी है। इससे आसपास के गांवों के लोगों में खौफ है। संवाद
बेहटी गांव के खेतों के बीच पानी में डूबा मंदिर। संवाद- फोटो : samvad
बेहटी गांव के खेतों के बीच पानी में डूबा मंदिर। संवाद- फोटो : samvad
बेहटी गांव के खेतों के बीच पानी में डूबा मंदिर। संवाद- फोटो : samvad
बेहटी गांव के खेतों के बीच पानी में डूबा मंदिर। संवाद- फोटो : samvad
बेहटी गांव के खेतों के बीच पानी में डूबा मंदिर। संवाद- फोटो : samvad