किसानों को समझाते पुलिस कर्मी। संवाद
बिसौली (बदायूं)। परवेजनगर विद्युत उपकेंद्र से चरमराई विद्युत आपूर्ति से परेशान गुरयारी गांव समेत आसपास के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 15 दिनों से खेतों तक बिजली न पहुंचने से मक्का समेत अन्य फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। इससे नाराज किसान बुधवार दोपहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर बिसौली डिवीजन कार्यालय पर पहुंचे और एमएफ हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। इसमें एक किसान ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही हालात काबू में कर लिए।
कई दिनों से विद्युत आपूर्ति न होने के कारण सूख रहीं फसलों को लेकर उग्र किसानों ने उपकेंद्र पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया। जब एक किसान पेट्रोल की बोतल लेकर मौके पर पहुंच गया और बिजली व्यवस्था सुचारु न होने पर आत्मदाह की चेतावनी देने लगा। जिसे मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। किसान पुलिस के रोकने पर कहने लगे की मुझे गोली मार दो। ऐसे तो हम मर जाएंगे...। यह देख मौके पर मौजूद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
स्थिति बिगड़ती देख अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार मौके से चले गए, इससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। भीषण गर्मी और तेज धूप में घंटों फंसे वाहन चालक व यात्री बेहाल नजर आए। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। किसानों का आरोप था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विद्युत निगम के अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
किसानों ने कहा कि जब तक एसडीओ और अधिशासी अभियंता मौके पर आकर बिजली आपूर्ति बहाल करने का भरोसा नहीं देंगे, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। सूचना मिलते ही क्राइम इंस्पेक्टर चमन गिरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता और अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने जाम खोल दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसानों को समझाते पुलिस कर्मी। संवाद