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Budaun News: ट्रामा सेंटर से लेकर सीवर लाइन और अधूरी परियोजनाओं को मिल सकता है जीवनदान

Wed, 11 Feb 2026 12:58 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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अधूरा मुढ़ा पुल
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बदायूं। उप्र सरकार की ओर से आज विधानसभा में पेश किए जाने वाले बजट को लेकर जिले के लोगों में खासा उत्साह और उम्मीदें हैं। लोगों को इस बजट से जहां एक ओर स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की आस है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से अधूरी पड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के पूरे होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
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जिले में लंबे समय से ट्रामा सेंटर की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके। इसके लिए ट्रामा सेंटर की मांग लगातार उठती रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि बजट में इसके लिए प्रावधान किया जाता है, तो न केवल जनपद बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर करने की मजबूरी भी कम होगी। यहां पर जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज है। बावजूद इसके यहां पर ट्रामा सेंटर की कमी खल रही है।
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तीन पुल अभी पड़े हैं अधूरे
जिले में आवागमन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। इसमें दातागंज क्षेत्र में स्थित मुढ़ा पुल शामिल है। यह पुल मार्च 2020 में 46 करोड़ रुपये से स्वीकृत हुआ था। इसके बनने के बाद में 12 सितंबर 2023 इस पुल का एप्रोच रोड रामगंगा की बाढ़ में बह गया था। तब से आज तक यह पुल अधूरा ही पड़ा हुआ है।
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इस अधूरे पुल से गिरकर कार सवार तीन युवकों की मौत भी हो चुकी है। बावजूद इसके यहां पर आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। इस पुल के लिए 104 करोड़ रुपये की स्वीकृत हो चुकी है, बजट मिलने के बाद में इस पुल का निर्माण भी जल्द शुरू हो सकेगा। यही हाल बिसौली में रानेट पुल का है। इस पुल के जर्जर होने के बाद में अक्तूबर 2023 में इस पुल से आवागमन बंद कर दिया। साथ ही पास में दूसरा पुल बनाने का काम शुरू हुआ, जो आज तक पूरा नहीं हो सकता है। अगर इसे भी बजट पूरा मिल जाएगा, तो समय से यहां पर निर्माण पूरा हो जाएगा। इन पुलों के अधूरे रहने से लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
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शहर में सीवर लाइन नहीं, बजट से उम्मीदें
शहर में सीवर लाइन की व्यवस्था न होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंदा पानी सड़कों पर बहने से दुर्गंध फैल रही है, वहीं जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। नालियों की समय पर सफाई न होने से हालात और बदतर हो जाते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में शहरवासियों की निगाहें यूपी सरकार के आगामी बजट पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि बजट में शहर के लिए सीवर लाइन और समुचित जलनिकासी व्यवस्था के लिए विशेष प्रावधान किया जाएगा, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निजात मिल सके।
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क्या बोले लोग
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जिले में मार्ग दुर्घटना हो जाती हैं। इसमें लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, उस वक्त उन घायल लोगों के लिए हर सेकंड की कीमत होती है। लेकिन जिले में ट्रामा सेंटर नहीं होने से उन्हें रेफर किया जाता है। इससे काफी लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
-रविंद्र मोहन सक्सेना

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-शहर में बरसात के दिनों में मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक में पानी भर जाता है। अगर सीवर लाइन शहर में पड़ी, तो बारिश के दिनों में लोगों को इस समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
-सुरजीत रैना

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-बदायूं से दातागंज होते हुए शाहजहांपुर को जाने वाला रोड पर बना मुढ़ा पुल कई वर्षों से अधूरा पड़ा, पीएसी महिला बटालियन, मेडिकल कॉलेज समेत तमाम परियोजनाएं ऐसी है। ऐसे में यूपी के बजट पर काफी कुछ निर्भर है।
-अनिरुद्ध शंखधार

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जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हूं। आशा करता हूं की पूर्व की तरह इस वर्ष भी बजट के माध्यम से बदायूं मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स स्टेडियम व अन्य विकास कार्यों के लिए धन का पर्याप्त आवंटन रहेगा।
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वागीश पाठक, एमएलसी

अधूरा मुढ़ा पुल

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अधूरा मुढ़ा पुल

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