बदायूं। जिले में अभ्युदय कोचिंग के लिए 350 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, ये ऐसे युवा हैं जो डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनने का सपना देख रहे हैं। साकार करने के लिए सरकारी कोचिंग इनका सहारा बन सकती है। कोचिंग में मानदेय पर शिक्षक रखे जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब तक 30 आवेदन आए हैं। इनमें से ही साक्षात्कार के आधार पर शिक्षक चुने जाएंगे।
नीट, जेईई और सिविल सर्विसेज की प्रवेश परीक्षाओं को पास के लिए निशुल्क कोचिंग दी जाती है। इसमें सबसे ज्यादा सिविल सर्विसेज के लिए 200, नीट, जेईई के लिए 100 से अधिक आवेदन आए हैं, कुल 350 आवेदन समाज कल्याण विभाग को मिले हैं। इसकी अंतिम 25 जून रखी गई थी, जो अब खत्म हो चुकी है। अब नया कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
अब आवेदन करने वाले युवाओं का उनके कोर्स के अनुसार क्षमता परखने के लिए परीक्षा कराई जाएगी। इससे जो शिक्षक उनको पढ़ाएंगे, उससे युवाओं की बौद्धिक क्षमता के बारे में पता चलेगा। ऐसे में उसी के अनुसार उनको पढ़ाया जा सकेगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी रामजनम ने बताया कि जिन विद्यार्थियों ने अभ्युदय कोचिंग के लिए आवेदन किया है उनकी जल्द ही परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा की कॉपी से पता लगेगा कि बच्चे कहां खड़े हैं। उनकी तैयारी किस स्तर से शुरू करानी है।
पिछले सत्र में किसी विद्यार्थी का नहीं हुआ चयन
बदायूं। आवास विकास कॉलोनी के पास स्थिति शिव देवी इंटर कॉलेज, श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज का चयन शहर में किया गया है। इसके अलावा सहसवान का प्रमोद इंटर कॉलेज का चयन किया गया। यहां पर अभ्युदय कोचिंग कक्षाएं संचालित की जाएगी। इन्हीं इंटर कॉलेजों में गत वर्ष भी कक्षाएं संचालित की गईं थीं। तब 341 विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी, लेकिन कोई सफल नहीं हो सका।
जनपदीय स्तरीय समिति लेगी शिक्षकों की परीक्षा
जिन शिक्षकों ने पढ़ाने के लिए आवेदन किया है, उनका चयन जनपदीय समिति की अनुशंसा से परीक्षण व्याख्यान, ट्रायल लेक्चर के आधार पर किया जाएगा। चयन होने के बाद में शिक्षकों को एक व्याख्यान 90 मिनट का देना होगा। एक माह में अधिकतम 30 व्याख्यान देने होंगे। साथ ही बीच-बीच में उच्चाधिकारियों द्वारा फीडबैक लिया जाएगा। पढ़ने वालों की असंतुष्टि पर सेवाएं नहीं ली जाएंगी।