बदायूं। बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) की शाखा पुंसगवां के मैनेजर आलोक कुमार के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों से सांठगांठ करके 6.80 लाख रुपये लेकर उसकी जमीन को केसीसी लोन से बंधक मुक्त कर दिया गया।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कसेर पनौटा निवासी नन्दलाल ने बताया कि 16 दिसंबर 2024 को बैंक ऑफ बड़ौदा, शाखा-पुसगवां थाना वजीरगंज के शाखा प्रबंधक आलोक कुमार को एक प्रार्थना पत्र दिया था। अनुरोध किया था कि मेरी दिमागी हालत ठीक नहीं है। मेरी केसीसी आपकी शाखा में चल रही है। लोन का पैसा ओटीएस समझौता के तहत जमा होना है। मेरा खाता बंद न किया जाए, जब मैं आऊंगा तब मेरी केसीसी बंद की जाए।आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने धोखे से जमीन का बैनामा करा लेने वाले आरोपी सदर कोतवाली के टिकटगंज निवासी शोभित गुप्ता से 6.80 लाख रुपये लेकर केसीसी की जमीन को बंधक मुक्त कर दिया। भार मुक्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद जमीन का 13 फरवरी को शोभित ने अपने नाम दाखिल-खारिज करा लिया।
18 फरवरी को जमीन का बैनामा सुषमा गुप्ता के नाम कर दिया, जबकि शोभित गुप्ता के खिलाफ कुंवरगांव थाने में पहले से ही जमीन को धोखे से अपने नाम करा लेने की रिपोर्ट दर्ज थी। बैंक मैनेजर ने आरोपी से आर्थिक सांठगांठ कर ऐसा कृत्य किया है। पुलिस ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।