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पिछली होली वाले खाद्य पदार्थों के 23 नमूने फेल...चल रहा पूरे सिस्टम में मिलावट का खेल

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बदायूं। सिस्टम के खेल भी अजब गजब हैं। यहां जांच होती हैं, कार्रवाई भी होती है, लेकिन उन पर अमल नहीं हो पाता। यही वजह है कि माफिया हो या मिलावटखोर, सभी का धंधा बदस्तूर जारी रहता है। त्योहार आने पर खाद्य विभाग की सक्रियता बढ़ जाती है। जोर शोर से छापे मारे जाते हैं, सैंपल लिए जाते हैं, जांच को भेजे जाते हैं। नमूने फेल आते हैं तो कार्रवाई के नाम पर जुर्माना और मुकदमा दायर करने की कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन सेटिंग से सब खेल हो जाता है। पिछली होली पर खाद्य विभाग द्वारा 40 नमूने लिए गए थे, जिनमें 23 नमूने फेल आए हैं। इसमें सबसे अधिक खोया, नमकीन और पनीर के नमूने फेल हैं, जिनमें शहर के ओवरब्रिज के नीचे स्थित दो फर्मों का नाम भी शामिल है। अब इनमें कार्रवाई क्या होगी यह तो कहना मुश्किल है लेकिन हर साल पकड़ाधकड़ी और अगले साल फिर उससे ज्यादा मिलावटखोरों का जद में आना कहीं न कहीं सिस्टम पर सवाल जरूर खड़ा करता है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा अभियान चलाकर संदिग्ध पदार्थों के नमूने लिए जाते है, साथ ही उनकी गुणवत्ता की जांच लैब पर भेजकर कराई जाती है। अगर ये मानक के अनुरूप नहीं होते है, तो संबंधित के खिलाफ विभाग के द्वारा मुकदमा दायर किया जाता है, साथ ही जुर्माने की वसूली की जाती है। त्योहारों पर विभाग की सक्रियता बढ़ जाती है। पिछले साल भी होली के समय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने व्यापक रूप से अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। मार्च 2019 में विभाग ने 40 नमूने लिए थे, जिनको जांच के लिए लैब पर भेजा था। हाल ही में इनकी जांच रिपोर्ट आई तो इसमें 23 नमूने असुरक्षित आए, जिन पर विभाग की तरफ से जुर्माना डाला गया है। शहर के मुख्य दुकानदारों की बात करें तो नौ मार्च को ओवरब्रिज के नीचे स्थित प्रकाश स्वीट्स के यहां पनीर का सैंपल लिया था, जो मानक के अनुरूप नहीं आया। उसी दौरान श्रीमुनि मिष्ठान भंडार के यहां से भी पनीर का सैंपल भरा गया था। वह भी फेल आया। इसके अलावा शहर में स्थित मधु फूड इंडस्ट्री के यहां से दो मार्च को मैदा का सैंपल लिया था। जो मानक के अनुरूप नहीं निकला। प्रोफेसर कॉलोनी में स्थित अजय बदर्स एंड कंपनी की नमकीन भी मानक के अनुरूप नहीं निकली। अब इन्हें नोटिस भेजे गए हैं, कार्रवाई क्या होगी, यह भविष्य पर निर्भर है।
ये सैंपल आए फेल
-बर्फी- तीन
-खोया-पांच
-दूध व क्रीम- तीन
-मैदा-एक
-पनीर-तीन
-नमकीन- पांच
-कुकीज-एक
-केंडीज-एक
-सरसों का तेल- एक
अभी विभाग चला रहा है अभियान
अभिहीत अधिकारी के मार्ग निर्देशन में 14 फरवरी को शहर में छापा मारा गया था। इस दौरान टीम ने सरसों के तेल के तीन नमूने लिए। 13 फरवरी को टीम ने सहसवान में छापा मारा इस दौरान टीम के सदस्यों ने चार दुकानों से सरसों के तेल का सैंपल लिया था। साथ ही सहसवान के मोहल्ला शहबाजपुर में खालिद की दुकान पर रखा 100 लीटर सरसों को तेल संदिग्ध मानते हुए सील कर दिया था।
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विभाग के द्वारा जिले भर में लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है। संदिग्ध मिलने पर संबंधित खाद्य पदार्थ का नमूना लिया जाता है, जो जांच के लिए लैब भेजा जाता है, वहां से रिपोर्ट मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाती है। जिन लोगों के नमूने फेल आए हैं, उनको नोटिस जारी किए गए हैं। समय पर जवाब न देने पर उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा।
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- चंद्रशेखर, अभिहीत अधिकारी
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