बदायूं। 22 साल पुराने लूट और अपहरण के मामले में तीन सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों को डकैती कोर्ट के न्यायाधीश रिंकू जिंदल ने दोषी पाते हुए सात-सात साल की सजाई सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
दातागंज थानाक्षेत्र के गांव बडेली निवासी रतिराम ने 25 नवंबर 2003 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि हजरतपुर थानाक्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी उसके फुफेरे भाई के लड़के विनोद कुमार की गांव के ही लोगों से रंजिश चली आ रही है। इसी को लेकर 24 नवंबर को गांव के ही पांच लोगों ने अपहरण कर लिया और उसके पास रखे 500 रुपये, सोने की चेन, दो जोड़ी कानों के कुंडल लूट लिए।
तहरीर के आधार पर दातागंज पुलिस ने तीन सगे भाइयों साबिर, नन्हे, मुन्ने के अलावा भूरे और इब्राहिम निवासीगण गांव शेखूपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना दातागंज से हजरतपुर थाने को भेजी गई। पुलिस ने विनोद को बरामद करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया।
विवेचना उपनिरीक्षक यादवेंद्र सिंह को दी गई। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश रिंकू जिंदल ने पांचों आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए।