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Budaun News: पहले पंचायत के फैसले और फिर तानों ने ली राजीव की जान, पुलिस हुई सख्त

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राजीव फाइल फोटो
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कादरचौक। ककोड़ा गांव में 15 वर्षीय राजीव ने पंचायत की ओर से लगाए गए जुर्माने के लिए ताने दिए जाने के बाद ज्यादा परेशान होेकर खुदकुशी की। इसे प्रताड़ना मानते हुए अब परिजन ने पंचायत में शामिल लोगों और ताना देने वाली सूरज की सास के खिलाफ कार्रवाई कराने का फैसला लिया है। पुलिस भी परिवार वालों का साथ देते हुए सख्त हो गई है। एसपी सिटी ने कादरचौक से एक दरोगा को राजीव के घर तहरीर लेने के लिए भेजा। बृहस्पतिवार को तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज हो सकती है।
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पिता सुल्तान ने बताया कि राजीव गांव के ही सूरज, कमलेश, जॉनी और सुमित के साथ सात जून को कासगंज के कादरगंज गंगाघाट पर स्नान करने गया था। स्नान करते समय सूरज नदी में डूब गया था। तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। बाद में सूरज की पत्नी और सास ने साथ गए चारों युवकों को सूरज की मौत का जिम्मेदार बताते हुए रुपये की मांग की। इसके लिए गांव में दो बार पंचायत हुई। इसमें सूरज के परिवार वाले और पड़ोसी शामिल हुए। पिता सुल्तान 13 जून को जब गांव से बाहर गए हुए थे, उस दिन इन लोगों ने अपनी मर्जी से अवैध रूप से पंचायत कर जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया। कहा गया कि सूरज के साथ गए चारों युवक सूरज के परिवार को 10-10 हजार रुपये देंगे। परिजनों का आरोप है कि जुर्माना की रकम जमा करने के लिए राजीव पर दबाव बनाया जा रहा था।






भाई बोला- सूरज की सास ने राजीव से कहा था, मरकर दिखाओ तो हम 50 हजार दे देंगे



राजीव के बड़े भाई राजू ने बताया कि उनके घर की माली हालत अच्छी नहीं है, इसलिए राजीव दस हजार रुपये नहीं दे पाया। वहीं तीन अन्य युवकों के परिजनों ने रुपये दे दिए थे। राजू का आरोप है कि सूरज के परिवार और उसकी सास ने रुपये देने का ज्यादा दबाव बनाया। इस पर राजीव ने उनसे कहा था कि उझानी में रहने वाली बहन पूजा से रुपये लाकर वह दे देगा। मंगलवार दोपहर बाद राजीव बाइक से बहन के घर जाकर रुपये लेने जाने के लिए निकला था। गांव से कुछ ही आगे रास्ते में बाजार के पास बाइक खराब हो गई, इस पर वह लौट आया था।
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भाई का आरोप है कि उसी समय नूरपुर निवासी सूरज की सास मोहल्ले में आई और रुपये न देने पर राजीव से गालीगलौज करने लगी। कहने लगी कि मरकर दिखाओ तो हम 50 हजार देंगे। उस समय राजीव ने कहा कि बाइक रख लो, दस हजार देने पर बाइक वापस कर देना। इस पर महिला ने कहा कि हम बाइक का क्या करेंगे, हमें पैसा चाहिए। मरकर दिखाने वाली बात राजीव को खटक गई और उसी समय वह जंगल की ओर चला गया और नीम के पेड़ से लटककर जान दे दी। दो भाई और तीन बहनों में राजीव सबसे छोटा था। पिता मजदूरी करते हैं। मां का दो वर्ष पहले ही निधन हो चुका है।






पुलिस को बताए बिना तीन ने जमा कर दिए थे रुपये



- राजीव के पिता ने बताया कि सूरज के डूबने के मामले के बाद पंचायत होने के संबंध में पुलिस को सूचना नहीं दी गई। मोहल्ले के लोगों की पंचायत के फैसले को मानते हुए कमलेश, जॉनी और सुमित के परिजनों ने दस-दस हजार रुपये सूरज के परिजनों को दे दिए थे।






घटना काफी गंभीर है। पोस्टमॉर्टम में आत्महत्या की बात पुष्ट हुई है। कादरचौक थाने से एक दरोगा को भेजकर परिवार वालों से तहरीर मंगाई गई। उन्होंने बृहस्पतिवार को तहरीर देने की बात कही है। उकसाने पर खुदकुशी व अन्य आरोपों पर रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक कुमार सिंह, एसपी सिटी

राजीव फाइल फोटो

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