बदायूं। सीजेएम राजीव कुमार सिंह ने तत्कालीन बीडीओ इस्लामनगर, ग्राम पंचायत अधिकारी, मनरेगा तकनीकी सहायक मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी सहित आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को इसकी विवेचना करने का आदेश दिया है।
थाना उघैती क्षेत्र के गांव धर्मपुर निवासी ओमेंद्र सिंह ने सीजेएम राजीव कुमार सिंह की अदालत में 10 जून 2020 को 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। परिवादी के मुताबिक ग्राम पंचायत धर्मपुर में मनरेगा से पुरानी मिट्टी कार्य हुआ था। मनरेगा से पुरानी सड़क की मामूली मरम्मत कराकर फर्जी मिट्टी कार्य, फर्जी मस्टर रोल और कूटरचित दस्तावेज बनाकर तत्कालीन बीडीओ इस्लामनगर अवध प्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी विनीत कुमार, आस मोहम्मद, मनरेगा तकनीकी सहायक छुन्नन मियां, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा अनूप शर्मा, मुकेश, पन्नालाल और महीपाल ने भुगतान कर सरकारी धन का गबन किया था। परिवादी के आरोप के अनुसार बीडीओ सहित सभी ने मिलकर 88,814/- रुपये का फर्जी भुगतान कराकर सरकारी धनराशि का गबन किया था।
आरोप है कि जब ओमेंद्र इस काम के बाबत जानकारी लेने गया तो उन लोगों ने उसके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करके भगा दिया। परिवादी ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की लेकिन पुलिस ने इस फर्जीवाड़े के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर ओमेंद्र सिंह ने सीजेएम कोर्ट में 156 (3) सीआरपीसी के तहत परिवाद दायर किया। सीजेएम राजीव कुमार सिंह ने थाने से आख्या प्राप्त होने के बाद परिवादी के वकील की बहस को सुना। सीजेएम ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी इस्लामनगर अवध प्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी विनीत कुमार, आस मोहम्मद मनरेगा तकनीकी सहायक छुन्नन मियां, मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अनूप शर्मा, मुकेश, पन्नालाल और महीपाल के खिलाफ प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कर संबंधित थानाध्यक्ष को विवेचना करने का आदेश दिया है।