पुलिस ने किनारे की दादी की तहरीर
मासूम प्रियांशी के अपहरण का मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन नाना की तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने कछला निवासी दादी राममुखी की ओर से दी गई तहरीर पर गौर नहीं किया गया। राजेंद्र ने बताया कि पुत्रवधू रूबी की फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने के बाद बहोरन उससे रंजिश मानता है। इसीलिए उसे और उसके दूसरे बेटे का फंसाया जा रहा है। उसका एक बेटा योगेंद्र तो पहले से ही जेल में है।
... तो फिर किसी और नजर में चढ़ गई मासूम
डेढ़ साल की प्रियांशी को लेकर पुलिस की अब तक की तहकीकात में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर कहा जा सके कि वह किसी रिश्तेदार या फिर परिचित के पास है। अगर ऐसा होता तो दादा राजेंद्र या फिर नाना बहोरन में कोई मासूम तक पहुंचने के लिए एक हकीकत जरूर बयां कर देता। रिश्तेदार भी पसोपेश में हैं। दादा और नाना पक्ष में से किसी का हाथ नहीं है तो उस पर जरूर किसी और की नजर रही होगी।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मासूम बच्ची को खोजने की पूरी कोशिश की जा रही है। एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। अब तक तहकीकात में कोई खास सुराग नहीं मिला है, लेकिन जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा। एफआईआर के आधार पर भी जांच चल रही है।