कछला पुल के पास मिट्टी दरकने के बाद लगी टिन की चादर। संवाद
उझानी। नजर हटी और दुर्घटना घटी...। सड़क किनारे संकेतक पर लिखे ये शब्द बरेली-मथुरा हाईवे पर कछला पुल और दहेमू पुलिया के पास कुछ इसी तरह के हालात बयां कर रहे हैं। गंगा पुल के पास कुष्ठ आश्रम के सामने मोड़ पर मिट्टी दरकने के बाद पीडब्ल्यूडी ने जहां टिन की चादर लगा दी है तो दहेमू पुलिया के पास भी सड़क के किनारे दरक गए हैं। सफर में वाहन चालक की मामूली चूक सवारियों की जान पर भारी पड़ सकती है।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति दहेमू पुलिया के पास की है। पुलिया के दोनों ओर सड़क के किनारे दरक गए हैं। पीडब्ल्यूडी ने बतौर संकेतक चार फिट के खंभे लगाकर उस पर चमकीले फीते बांध दिए थे, लेकिन ये फीते भी हवा के झोंकों में निकल गए। लोहे की रेलिंग तो पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
कमोबेश ऐसी ही स्थिति वितरोई मोड़ पुलिया की है। इसी पुलिया के पास से कासगंज की ओर से आने वाले वाहन एक तरफ बिसौली और दूसरी तरफ उझानी के रास्ते बदायूं और बरेली को निकलते हैं। आगे चलकर यही रोड फर्रुखाबाद- मुरादाबाद हाईवे को जोड़ता है। पुलिया के पास सड़क पर गड्ढे भी हो गए हैं। कछला पुल को जोड़ने वाली पुलिस चौकी की साइड वाली सड़क पर तीव्र मोड़ है। मोड़ के पास सड़क किनारे की मिट्टी दरकने के बाद पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत कराना भी उचित नहीं समझा है। रेलिंग टूट जाने के बाद पिछले महीने टिन की चादर लगा दी गई। ताकि दरकी हुई मिट्टी के पास वाहन नहीं पहुंच पाएं।
पुल के पास खड़े मिले ट्रक चालक चंदन ने बताया कि मोड़ होने की वजह से किसी भी चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ा तो हादसा होने से बचा नहीं जा सकता। मोड़ पर जहां टिन की चादर लगी है, उसी के सामने वाहन भी खड़े कर लिए जाते हैं, वह किसी भी दिन हादसे की वजह बन सकते हैं। वहीं, बरेली-मथुरा हाईवे उत्तराखंड और राजस्थान आने-जाने को सबसे सुगम रास्ता है। यहीं से होकर अधिकतर धार्मिक और पर्यटक स्थलों के लिए भी आना-जाना होता है। इस हाईवे पर खासकर बदायूं में उझानी से कासगंज के सोरों तक हालात ज्यादा अच्छे नहीं हैं।
- बरेली-मथुरा हाईवे पर दो पुलिया की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने पर संकेतक लगवा दिए गए थे। पास में सड़क के किनारे दरक गए हैं, इसके बारे में जानकारी नहीं है। जल्द ही वह कर्मचारियों से जानकारी करके उसे ठीक करा देंगे।- मनीष सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
कछला पुल के पास मिट्टी दरकने के बाद लगी टिन की चादर। संवाद