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खेत मालिकों ने सड़क किनारे कटवाए प्रतिबंधित प्रजातियों के हरे-भरे पेड़

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उझानी क्षेत्र में काटा जा रहा नीम का हरा-भरा पेड़। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। इलाके में हरियाली पर ग्रहण लगा रहे माफिया की नजर में सड़क किनारे लगे हरे-भरे पेड़ चढ़ गए हैं। रातों रात पेड़ों को काटकर तड़के ही टहनियों समेत पूरा मलबा ठिकाने लगा दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार तड़के वनगवां के पास नसरूल्लापुर संपर्क मार्ग पर नजर आया। माफिया ने खेत मालिकों से सांठगांठ कर नीम और शीशम के पेड़ों को काट डाला।
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कादरचौक और उझानी क्षेत्र में गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों के किनारे नीम और शीशम के पेड़ों की संख्या सैकड़ों में है। कई पेड़ तो हरे-भरे होने के साथ भारी भरकम भी हैं। पिछले सप्ताह एक संपर्क मार्ग पर ऐसे ही आधा दर्जन पेड़ों को काट दिया गया था।
वहीं अब माफिया ने वनगवां-नसरूल्लापुर संपर्क मार्ग पर शीशम और नीम के पेड़ कटवाए हैं। जबकि शीशम और नीम प्रतिबंधित प्रजाति में शामिल हैं। दोनों प्रजातियों के पेड़ों को हरे-भरे होने पर नहीं काटा जा सकता।
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बताते हैं कि माफिया पेड़ कटवाने के बाद लकड़ियां भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिये स्थानीय आरा मशीनों पर पहुंचा देते हैं। ऐसा भी नहीं कि मामला वन विभाग के अफसरों के संज्ञान में नहीं पहुंचा। फिर भी किसी वन कर्मियों ने मौके पर आकर हकीकत का पता करने का प्रयास नहीं किया। बता दें कि इससे पहले भी दोनों क्षेत्र के गांवों में पेड़ों का कटना किया जाता है। संपर्क मार्गों की ओर अफसरों की नजर भी नहीं जाती।
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