बदायूं। जिला जेल में दो साल पहले मरे दो बंदियों के परिवार वालों को बतौर मुआवजा आठ लाख रुपये दिए जाएंगे। शासन ने इसकी स्वीकृति दे दी है। इनमें एक बंदी की पत्नी और दूसरे बंदी के बेटे और दादी को मुआवजे की राशि दी जाएगी।
दो फरवरी 2018 को जिला जेल में बिसौली क्षेत्र के ग्राम ठकुरान निवासी गोकिल पुत्र खूबचंद मौर्य की मौत हुई थी। 30 मई 2018 को दो बंदियों की मौत हुई थी। इनमें एक बंदी शाहरुख पुत्र उमर खान निवासी ग्राम नूरनगर कौडिया थाना फैजगंज बेहटा का रहने वाला था, जबकि दूसरा असलम पुत्र गुलाम नवी था। दोनों जिला जेल की बैरक नंबर 12 में थे। जेल के हेड बॉर्डर ने उन दोनों मुंह से झाग निकलते देखे थे। इस पर दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया था। जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया था।
फिलहाल इन दोनों मामलों की जांच चल रही है। जेल में मरे बंदी गोकिल और शाहरुख के परिवार वालों के लिए मुआवजा दिया जाएगा। इसमें गोकिल के परिवार वालों के लिए तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। यह राश बंदी की मां और बेटा अमरजीत को दिया जाएया है, तो वहीं शाहरुख के परिवार वालों को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने उसकी पत्नी शकीना का नाम जेल प्रशासन के पास भेजा है। जल्द ही उनके परिवार वालों को मुआवजा की राशि दे दी जाएगी।
उम्रकैद की सजा भुगत रहा था शाहरुख
30 मई 2018 को जिला कारागार में मरने वाला शाहरुख सजायाफ्ता कैदी था। परिवार वालों ने उसकी जमानत कराने के लिए अर्जी डाली थी, लेकिन उसकी जमानत नहीं हो सकी। वह हत्या के एक मामले में जिला कारागार भेजा गया था।
वर्ष 2018 में जिला कारागार में दो बंदियों की मौत हुई थी। उनके परिवार वालों को मुआवजा देने के लिए शासन से स्वीकृति दे दी है। इनमें बंदी शाहरुख के परिवार वालों को पांच लाख और गोकिल के परिवार वालों को तीन लाख रुपये दिए जाएंगे।
डॉ. विनय कुमार, जेल अधीक्षक