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Budaun News: डीएम कार्यालय पहुंचे फैक्टरी कर्मी मुनेंद्र के परिजन, बोले- शव के साथ मिले न्याय

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फैक्टरी में हालात पर गौर करते एडभ्एम समेत अफसर। संवाद - फोटो : सोशल मीडिया
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उझानी। मेंथा फैक्टरी में अग्निकांड के दौरान जिंदा जले कर्मचारी मुनेंद्र यादव का छठे दिन भी शव न मिलने पर आक्रोशित परिजन ग्रामीणों के साथ सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचे। ट्रैक्टर- ट्रॉलियों से पहुंचे ग्रामीणों और महिलाओं ने डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। डीएम से तो उनकी मुलाकात नहीं हुई लेकिन एडीएम (एफआर) अरुण कुमार ने उन्हें शव की तलाश तेजी से कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद एडीएम समेत कई अफसरों ने फैक्टरी का दौरान किया।
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सोमवार दोपहर डीएम कार्यालय पहुंचे मुनेंद्र की पत्नी और बच्चों के साथ महिलाओं और परिजनों ने फैक्टरी मालिक पर मलबा हटाने में ढि़लाई का आरोप लगाया। उन्होंने एडीएम एफआर को बताया कि छह दिन बाद भी शव का पता नहीं लग पाना, किसी षडयंत्र की ओर इशारा कर रहा है। शव तलाशने के लिए उन्होंने आवाज भी बुलंद की। गुस्साए परिजनों ने कहा कि मुनेंद्र का शव फैक्टरी परिसर के जिस इलाके में है, वहां तो एक दिन भी मलबा हटाने की कोशिश नहीं की गई है। एडीएम से वार्ता के बाद मुनेंद्र के परिजन लौटकर फैक्टरी के गेट पर पहुंच गए। दोपहर बाद एडीएम के साथ एसडीएम मोहित कुमार, सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय और सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार फैक्टरी परिसर पहुंचे। कर्मचारियों ने मलबा हटाने में आ रहीं दिक्कतों की जानकारी ली।
मुनेंद्र के परिजनों ने कहा कि कुड़ा नर सिंहपुर की तरफ से बाउंड्री तोड़कर जेसीबी और क्रेन अंदर शव पड़े होने के संभावित ठिकाने तक पहुंच सकती है। अफसरों ने संभावित रास्ते को भी देखा। ग्रामीणों की भीड़भाड़ की वजह से फैक्टरी गेट पर पुलिस फोर्स भी तैनात रहा। एसडीएम ने बताया कि मुनेंद्र को तलाश कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए जरूरी संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं।
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मुनेंद्र की पत्नी की गुहार... जिंदा या मुर्दा मेरे पति को ला दो साहब

- डीएम कार्यालय पहुंचे मुनेंद्र के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं थीं। मुनेंद्र की पत्नी रेखा ने रो- रोकर अपनी दास्तां सुनाई। रेखा ने कहा कि छह दिन गुजर गए हैं। पति के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है। साहब, मेरे पति को जिंदा या फिर मुर्दा ला दो। रेखा ने यह भी कहा कि तीन दिन पहले उसके परिवार के लोग फैक्टरी पहुंचे तो उनके साथ मारपीट की गई। दो मासूम बेटियां हैं, इन्हें कहां ले जाऊं।

गैस कटर संचालक ने जताई फिर से आग भड़ने की आशंका
- क्षतिग्रस्त बॉयलर के पास मलबा का करीब 40 फिट ऊंबा ढेर है। अफसरों ने गैस कटर संचालक से काम में तेजी लाने का निर्देश दिया तो उसने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि फैक्टरी के पाइपोंं में अभी भी ऑयल बरकरार है। गैस कटर के इस्तेमाल से आग भी भड़क सकती है।


परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर
- मुनेंद्र के परिजनों ने फैक्टरी में सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार के सामने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने गुमशुदगी की एफआईआर में तब्दील कराने पर जोर दिया। भाई गजेंद्र ने तहरीर लिखकर पुलिस को दी। उन्होंने फैक्टरी प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा तलाशी अभियान के दौरान मुनेंद्र के परिजनों को भी मौजूद रखने का भरोसा दिलाया है।

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डेढ़ सौ मजूदरों पर आर्थिक संकट
फैक्टरी में करीब डेढ़ मजदूर काम करते थे। अग्निकांड के बाद से मजदूर आर्थिक संकट का सामना करन रहे हैं। कोई उनकी सुध नहीं ले रहा है। फैक्टरी में जिले के अलावा आसपास दूसरे प्रदेश के मजदूर भी काम करते थे।

फैक्टरी में हालात पर गौर करते एडभ्एम समेत अफसर। संवाद- फोटो : सोशल मीडिया

फैक्टरी में हालात पर गौर करते एडभ्एम समेत अफसर। संवाद- फोटो : सोशल मीडिया

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