बदायूं। समाजवादी पार्टी में हाल ही में जिला कार्यकारिणी के भंग होने के बाद संगठन में मचे सियासी उथल-पुथल ने अब खुलकर आकार लेना शुरू कर दिया है। पार्टी में गुटबाजी एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। कई वरिष्ठ नेताओं और पुराने कार्यकर्ताओं में असंतोष स्पष्ट दिखने लगा है। दबी जुबान से यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया तो जिलाध्यक्ष को क्यों बख्शा गया।
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कई कार्यकर्ता इस फैसले से नाराज हैं और मानते हैं कि संगठन की निष्क्रियता और अंदरूनी कलह के लिए सभी समान रूप से जिम्मेदार थे। कुछ नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल निचले स्तर पर कार्रवाई करके संगठन को मजबूत नहीं किया जा सकता, जवाबदेही शीर्ष पदों पर भी तय होनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता अब डैमेज कंट्रोल मोड में आ गए हैं। संगठन में बढ़ते असंतोष को थामने के लिए वे कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रदेश नेतृत्व हर बात से अवगत है और उचित समय पर सभी निर्णय लिए जाएंगे। (संवाद)
लंबे समय से लग रहे गुटबाजी के आरोप
जिले में लंबे समय से संगठनात्मक निष्क्रियता और स्थानीय स्तर पर गुटबाजी के आरोप लगते रहे हैं। अब जबकि पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई है, यह कदम पार्टी की एकता और पुनर्गठन की दिशा में उठाया गया माना जा रहा था, लेकिन हालात इसके उलट दिख रहे हैं। अब सबकी निगाहें 2 और 3 नवंबर को होने वाले शिवपाल सिंह यादव के दौरे पर टिकी हैं जहां सपा की अंदरूनी स्थिति और कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
आज आ रहे शिवपाल व आदित्य
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव 2 से 3 नवंबर तक दो दिवसीय दौरे पर बदायूं आएंगे। उनके साथ बदायूं सांसद आदित्य यादव भी रहेंगे। 2 नवंबर को दोपहर 12 बजे वे सहसवान में रहेंगे। 3 नवंबर को पार्टी जिलाध्यक्ष आशीष यादव के शिवपुरम स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।
12 बजे नगर पालिका परिषद में पूर्व मंत्री आबिद रजा द्वारा आयोजित डोर-टू-डोर योजना कार्यक्रम के उद्घाटन में शामिल होंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कई पुराने कार्यकर्ता और संगठन से जुड़े पदाधिकारी अपने विचार सीधे शिवपाल सिंह यादव के समक्ष रखकर बात को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाने की तैयारी में हैं।