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Budaun News: दस साल बाद भी मेडिकल कॉलेज का निर्माण अधूरा, मान्यता खतरे में

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मेडिकल कॉलेज का अधूरा पड़ा निर्माण। संवाद
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बदायूं। मेडिकल कॉलेज को बनते दस साल हो चुके हैं, बावजूद इसके निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। मार्च 2025 में फिर से मान्यता का नवीनीकरण होना है। निर्माण कार्य पूरा न होने से एक बार फिर से मान्यता पर खतरा मंडराने लगा है। मार्च 2024 में निर्माण कार्य पूरा न होने पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगा था। मार्च तक अगर काम पूरा नहीं हुआ तो एक बार फिर भारी अर्थदंड चुकाना पड़ सकता है अन्यथा मान्यता खतरे में पड़ जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज का निर्माण साल 2014 में शुरू हुआ था। मेडिकल कॉलेज बनते हुए दस साल हो गए, लेकिन आज तक इसका काम पूरा नहीं हो सका है। इसे दिसंबर 2024 तक पूरा होना था। हालांकि बीच में दो साल तक ठेकेदार और निर्माण निगम के बीच हुए विवाद के चलते काम ठप रहा था। मेडिकल कॉलेज के दो ब्लॉकों का निर्माण अब भी अधूरा पड़ा है।

हर साल मेडिकल कॉलेज की मान्यता का नवीनीकरण एनएमसी दिल्ली से कराया जाता है। हर साल इस शर्त पर मान्यता का नवीनीकरण होता है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। वर्ष 2024 में मान्यता पर खतरा मंडराया तो दिसबंर तक कार्य पूरा होने की बात कही गई। इसके लिए मेडिकल कॉलेज पर 12 लाख जुर्माना लगाया गया था। तब कहीं जाकर नवीनीकरण हो सका था।
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दिसंबर 2024 तक निर्माण कार्य पूरा होना था, लेकिन दिसंबर भी निकल गया और निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। अब अगर मार्च तक निर्माण कार्य पूरा न हुआ तो मान्यता रद्द भी हो सकती है। ऐसा हुआ तो यहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे करीब 500 विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। अन्यथा की स्थिति में मेडिकल कॉलेज को भारी अर्थदंड चुकाना पड़ सकता है।



ये कार्य हैं बाकी
- राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो लेक्चर रूम, मल्टीपरपज हॉल और फॉल सीलिंग।
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का कार्य अधूरा पड़ा है।
- प्रस्तावित 12 लिफ्ट में एक संचालित, बाकी 11 लगी ही नहीं।
- चार टॉवरों का काम ही पूरा हो सका, पांच अब भी अधूरे पड़े हैं।
- नर्सिंग छात्रावास में केवल आंशिक रूम उपलब्ध हैं। इंटर्न हॉस्टल का कार्य अपूर्ण है।



646 करोड़ की लागत से बन रहा मेडिकल कॉलेज
जिले को राजकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात वर्ष 2012 में मिली थी। बरेली-मथुरा हाईवे पर गांव गिनौरा वाजिदपुर के पास जमीन चिह्नित कर 2014 में मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो गया। शासन ने निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को सौंपा। इसके लिए 646 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। वर्ष 2017 तक लगभग 60 प्रतिशत काम ही पूरा होने के बाद मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू कर दिया गया। 40 फीसदी कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है।


चौथी मंजिल से कूदकर दो मरीज कर चुके हैं आत्महत्या
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 28 मार्च 2024 को कासगंज निवासी 35 वर्षीय मरीज संजू चौथी मंजिल से कूद गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना से मेडिकल कॉलेज में खलबली मच गई थी। दूसरी घटना छह दिसंबर 2024 को हुई। संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र के गांव हथिया वली निवासी सुभाष (30) टीबी से ग्रसित थे। उन्होंने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद ही यहां खिड़कियों पर ग्रिल लगवाई गई थी।




निर्माण कार्य जल्दी पूरा कराने के लिए लगातार निर्माण निगम और शासन से पत्राचार कर रहे हैं। मार्च से पहले निर्माण कार्य पूरा करने की बात कही जा रही है। - डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज


राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। थोड़ा बहुत काम रह गया है, उम्मीद है कि इसे भी मार्च तक पूरा करा दिया जाएगा। - दरबान सिंह, इंजीनियर, निर्माण निगम

मेडिकल कॉलेज का अधूरा पड़ा निर्माण। संवाद

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